संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने बताया है कि सेटेलाइट के माध्यम से खेतों की निगरानी की जा रही है। यदि किसी खेत में पराली जलाते हुए पाया गया तो कृषि और राजस्व विभाग की टीम द्वारा जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पराली जलाने वाले किसानों पर निर्धारित अर्थदंड लगाया जाएगा। इसके लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निरीक्षण करेंगी। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे पराली जलाने की बजाय, इसे प्रबंधित कर मृदा की उर्वरकता बनाए रखें और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग दें।
जिलाधिकारी ने जिले के समस्त किसानों से अनुरोध किया है कि वे फसल कटाई के बाद खेतों में बचे हुए फसल अवशेष (पराली) को न जलाएं। पराली जलाने से खेत की उर्वरकता प्रभावित होती है और इससे निकलने वाला धुआं पर्यावरण प्रदूषण के साथ-साथ मानव और पशुओं के स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव डालता है। इसके अतिरिक्त, पराली जलाने पर शासन द्वारा अर्थदंड का प्रावधान भी किया गया है।
कितना लगेगा जुर्माना : जिलाधिकारी ने बताया कि कृषि भूमि का क्षेत्रफल 2 एकड़ से कम होने पर 2500 रुपये, 2 से 5 एकड़ के बीच होने पर 5000 और 5 एकड़ से अधिक होने पर 15000 जुर्माना लगाया जाएगा। किसानों को पराली जलाने से बचने की सलाह दी गई है।