फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Deoria News: अतीक और हमलावर सनी के नजदीकियों में भिड़ंत का अंदेशा, देवरिया जेल में सतर्कता बढ़ाई

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
अतीक के विरोधियों ने जेल में मनाया जश्न, गुर्गे दहशत और गुस्से में
गैंगवार की आशंका में जेल प्रशासन ने सुरक्षा के साथ सतर्कता बढ़ाई
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। अतीक अहमद जनवरी 2018 से सितंबर 2019 तक करीब 18 महीने तक देवरिया जेल में रहा है। इस दौरान उसके कई अपराधियों से करीबी संबंध बने, तो कइयों को उसने प्रताड़ित किया जिससे विरोधी हो गए। शनिवार को अतीक की हत्या के बाद उसके विरोधियों ने जेल में जश्न मनाया, तो करीबी बंदियों में गुस्सा व दहशत है। टकराव की आशंका में जेल की सुरक्षा और सतर्कता बढ़ा दी गई है। अतीक के करीबियों की बैरक की सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, अतीक के करीबियों पर शासन के निर्देश पर निगरानी बढ़ा दी गई है। रविवार की सुबह ऐसे बंदियों की बैरक की तलाशी ली गई और कड़ी चेतावनी दी गई। हर बैरक पर एक-एक बंदीरक्षक पूरे दिन जमे रहे। अतीक के करीबी माने जाने वाले मऊ, देवरिया, गोरखपुर के कुछ बदमाशों पर जेल प्रशासन ने कड़ा पहरा लगा दिया है। कुछ बदमाशों की बैरक बदली गई है।
विज्ञापन

अतीक जिस सात नंबर बैरक में बंद था और दरबार लगाता था, उसका नजारा काफी बदला हुआ था। अतीक जब देवरिया जेल में था, उस समय उसकी सेवा टहल करने वाले बंदियों को जेल प्रशासन ने सख्त हिदायत दी है कि कोई ऐसी-वैसी हरकत न करें, नहीं तो परिणाम गंभीर होंगे।
सूत्रों के अनुसार, मदनपुर थाना क्षेत्र के दो लोग अतीक के काफी करीबी बन गए थे। अतीक की हत्या के बाद इन दोनों की बैरक बदल दी गई है। वहीं, पूर्वांचल के विभिन्न जनपदों से आए कुछ बाहरी बदमाश भी अतीक को आका मानने लगे थे। इस वजह से भी जेल प्रशासन बेहद सतर्क है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश का एक शातिर बदमाश हमीरपुर के सनी सिंह का जानने वाला बताया जा रहा है। सनी अतीक की हत्या में शामिल है।
विज्ञापन

उधर, अतीक की हत्या के बाद जेल के कई बंदी खुश दिखे। तालियां बजाकर अपनी खुशी का इजहार किया है।यह ऐसे बंदी हैं, जिसे अतीक जेल में रहते हुए आए दिन प्रताड़ित करता था। बात-बात पर पिटाई कर देता था। बताया जा रहा है कि 10 से 12 बंदियों ने अतीक की हत्या के बाद जेल में जश्न मनाया है। जेल प्रशासन इस कारण और सतर्क हो गया है। उसे आशंका है कि दोनों गुटों के बंदी एक दूसरे पर हमला कर सकते हैं। गैंगवार की आशंका के मद्देनजर जेल प्रशासन बेहद सतर्क हो गया है।

अतीक अहमद काफी समय तक देवरिया जेल में रहा है। उससे जुड़े बंदियों की निगरानी बढ़ा दी गई है। सीसीटीवी कैमरे से भी नजर रखी जा रही है।
- राजकुमार, जेलर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें