तरकुलवा। शुक्रवार की सुबह करीब चार बजे उपकेंद्र की मेन लाइन में अचानक खराबी आ गई। इससे 150 गांवों की बिजली आपूर्ति 11 घंटे तक गुल रही।
छोटे-बड़े कस्बों और गांवों की करीब 15 लाख की आबादी उमस भरी गर्मी से बेहाल रही। सबसे अधिक दिक्कत महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को झेलनी पड़ी। बिजली कर्मचारियों ने काफी मशक्कत के बाद फॉल्ट को दुरुस्त कर दोपहर 2:30 बजे आपूर्ति बहाल की, तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली। 33/11 केवी तरकुलवा उपकेंद्र के मेन लाइन की आपूर्ति कुशीनगर जिले के कसया उपकेंद्र से होती है। सुबह करीब चार बजे कसया उपकेंद्र की मेन लाइन में खराबी आ गई। इससे तरकुलवा उपकेंद्र की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। बिजली के बिना जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। सुबह 10 बजते-बजते घरों के इनवर्टर जवाब देने लगे। पानी की टंकियां सूख गईं।
सबसे अधिक दिक्कत बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को झेलनी पड़ी। सुभाष पाठक, शिवशंकर यादव, सरफराज अहमद, गोविंद चौहान, राजू जायसवाल, विनोद जायसवाल आदि का कहना है कि अघोषित बिजली कटौती, फॉल्ट और ट्रिपिंग के चलते दिन और रात का चैन हराम हो गया है। अवर अभियंता लवलेश सिंह ने बताया कि कसया उपकेंद्र की मेन लाइन में खराबी आ गई थी, जिसे दुरुस्त कर आपूर्ति बहाल कर दी गई है।
तीन रात से अंधेरे में डूबा भठवा तिवारी, ट्रांसफाॅर्मर फुंकने से बिजली आपूर्ति ठप : खामपार संवाद के अनुसार भठवा तिवारी गांव में ट्रांसफाॅर्मर फुंकने के बाद बुधवार रात से बिजली आपूर्ति ठप है। लगातार तीन रात से बिजली नहीं मिलने के कारण उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इससे पानी की टंकियां सूख गई हैं। मोबाइल चार्ज करने के लिए लोगों को दूसरे गांव और बाजार का सहारा लेना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, बुधवार की रात बारिश के दौरान ट्रांसफाॅर्मर जल गया। इससे भठवा तिवारी गांव की आधी आबादी की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। सूचना मिलने पर बिजली निमग की टीम बृहस्पतिवार की सुबह से ही फाॅल्ट दूर करने में जुटी रही। दोपहर में कुछ समय के लिए आपूर्ति बहाल हुई। थोड़ी ही देर बाद फिर बिजली गुल हो गई। इससे उपभोक्ताओं की मुश्किलें और बढ़ गईं।
अवर अभियंता मिथिलेश कुमार ने बताया कि बारिश के दौरान ट्रांसफाॅर्मर में फाॅल्ट आ गया था। मरम्मत के दौरान पता चला कि ट्रांसफाॅर्मर पूरी तरह जल चुका है। नया ट्रांसफाॅर्मर उपलब्ध कराकर जल्द ही बिजली आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।