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Deoria News: हादसे में हुई मासूम की मौत से 17 घंटे अनजान रहे चोटिल पिता

Sat, 25 May 2024 03:51 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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खुखुंदू थाना क्षेत्र के धोबी उर्फ शामपुर में बेकाबू ट्रक घर में घुसा, मासूम की हुई मौत का मामला
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मेडिकल कॉलेज देवरिया में भर्ती थे पिता, जब दाह संस्कार के लिए उन्हें घर ले जाया गया तो हुई जानकारी

संवाद न्यूज एजेंसी

खुखुंदू। थाना क्षेत्र के भटनी-भरथुआ मार्ग पर धोबी उर्फ शामपुर गांव के पास हादसे में हुई मासूम कृष्णा की मौत से 17 घंटे पिता अनजान बने रहे। शुक्रवार की सुबह 8:00 बजे जब उन्हें अस्पताल से घर ले जाया गया, तब बेटे की मौत की जानकारी हुई। दरवाजे पर जुटी भीड़ देख बृजेश फफक-फफक कर रोने लगे। उनका भी ऑपरेशन होना है। बेटे के अंतिम संस्कार के बाद ऑपरेशन कराया जाएगा। कृष्णा को बरहज में सरयू नदी के किनारे चाचा ने मुखाग्नि दी।

रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र के जोकहां खास गांव निवासी बृजेश यादव का इकलौता बेटा कृष्णा अपना घर हो या मामा राजेश यादव का घर जहां भी जाता पलभर में सबका दिल जीत लेता था। बृहस्पतिवार की शाम को माता शीला देवी, पिता बृजेश यादव, बेटी रीडम कुमारी और कृष्णा को वाराणसी विश्वनाथ मंदिर दर्शन करने जाना था। तब तक हादसे में कृष्णा की जान चली गई और पिता घायल हो गए। घटना की रात में ही पोस्टमार्टम के बाद कृष्णा का शव उसके चाचा शैलेश यादव और मां शीला देवी लेकर गांव जोकहां खास चले गए।
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दादा महाबल यादव और दादी गिरिजा देवी के मुंबई से आने के बाद शुक्रवार सुबह कृष्णा का अंतिम संस्कार बरहज सरयू नदी किनारे किया गया। चाचा शैलेश ने मुखाग्नि देकर भतीजे का अंतिम संस्कार किया। हालांकि, मेडिकल काॅलेज में भर्ती पिता बृजेश सुबह आठ बजे तक बेटे की मौत की खबर से अनजान रहे। इसके पहले जब वह पूछते थे कि कृष्णा कैसा है। परिजन बता दे रहे थे ठीक है। इलाज चल रहा है।
दाह संस्कार के समय घर पहुंचते ही दरवाजे पर जुटी भीड़ देख बृजेश फफकने लगे। पत्नी शीला उन्हें संभालते हुए बार-बार खुद बेहोश हो जा रही थीं। दूसरे दिन भी धोबी उर्फ शामपुर गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। जोकहां खास गांव में भी माहौल गमगीन बना है।



पुलिस बोली, मेडिकल में चालक के शराब पीने की नहीं हुई पुष्टि

भटनी-भरथुआ मार्ग पर धोबी उर्फ शामपुर गांव में बेकाबू ट्रक सीढ़ियों को चढ़ते हुए घर में जा घुसा था। हादसा हो गया और काफी देर तक चालक मलबे में दबा रहा। इसके बाद उसे बाहर निकाल कर मेडिकल कॉलेज देवरिया भिजवाया गया। वहां मौजूद लोगों का कहना था कि चालक भरपूर नशे में था। दूर से ही उसके मुंह और शरीर से शराब की गंध आ रही थी। हालांकि, पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट में नशे की पुष्टि नहीं हुई है। स्टीयरिंग फेल होने से हादसा होने की बात पुलिस कह रही है।

बृहस्पतिवार को घटना के 40 मिनट बाद चालक महेश यादव निवासी भरौली थाना खुखुंदू को मलबे से बाहर निकालकर इलाज के लिए पुलिस ने एंबुलेंस से देवरिया मेडिकल कॉलेज भिजवाया था। पूर्व प्रधान धोबी बीरबल यादव सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि ट्रक चालक नशे में धुत होकर ट्रक चला रहा था। अगर वह नशे में नहीं रहता तो शायद हादसा हुआ ही नहीं होता। पुलिस का कहना है कि संभवतः ट्रक की स्टीयरिंग फेल होने से हादसा हुआ है। वैसे पुलिस इसे जांच का विषय बता रही है। इंस्पेक्टर दिलीप सिंह ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट में चालक नशे में गाड़ी चला रहा था, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। सीओ सलेमपुर दीपक शुक्ला ने बताया कि हादसा कैसे हुआ। जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
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इनसेट......

स्टीयरिंग फेल होने से पहले एंड रॉड निकल जाता है या कट जाता है

मैकेनिक की बात पर गौर करें तो स्टीयरिंग फेल होने से पहले गाड़ी का एंड राॅड निकल जाता है या फिर कट जाता है। जबकि इस ट्रक में ऐसा कुछ नहीं हुआ है। मकान से टकराने से सिर्फ अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है। स्थानीय जानकर भी बता रहे हैं कि स्टीयरिंग फेल नहीं हुआ है। अब भी ट्रक का एंड राॅड सही है। ऐसे में सवाल ही नहीं उठता है कि ट्रक का स्टीयरिंग फेल हुआ हो।
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