देवरिया। रुद्रपुर के फतेहपुर कांड के बाद सरकारी जमीन से बेदखली के मामले की जिला मजिस्ट्रेट कोर्ट में चल रहे मुकदमे की सुनवाई सोमवार को प्रस्ताव पास होने की वजह से नहीं हो सकी। सुनवाई की अगली तिथि 13 दिसंबर को तय की गई है।
फतेहपुर के लेहड़ा टोला में दो अक्तूबर को जमीनी विवाद में पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रेमचंद यादव और सत्यप्रकाश दूबे समेत परिवार के चार लोगों की हत्या हो गई थी। इस घटना के बाद तहसील प्रशासन ने सरकारी जमीन की गांव में पैमाइश कराई तो मृतक प्रेमचंद के पक्ष सहित तीन लोगों का खलिहान, ग्राम पंचायत की जमीन निर्माण मिला। रुद्रपुर तहसील कोर्ट ने 11 अक्तूबर को सरकारी जमीन से बेदखली का आदेश कर दिया। आपत्ति पर जमीन की दोबारा पैमाइश कराई गई। इसके बाद मृतक प्रेम चंद्र के पिता रामभवन व परमहंस, गोरख यादव हाईकोर्ट गए। हाईकोर्ट के आदेश पर जिला मजिस्ट्रेट कोर्ट में चल रही सुनवाई में एक दिसंबर को अधिवक्ता रामनगीना यादव की संशोधित अपील स्वीकार कर ली। शासकीय अधिवक्ता नवनीत मालवीय ने इस मामले में बहस करने की मांग की, लेकिन अधिवक्ता रामनगीना यादव ने फाइल का अध्ययन करने व साक्ष्य प्रस्तुत करने का समय मांगा। इस पर कोर्ट ने 11 दिसंबर को सुनवाई की तिथि निश्चित की, लेकिन अधिवक्ता के निधन के कारण सुनवाई नहीं हो सकी और अगली तिथि 13 दिसंबर निर्धारित की गई है।