सीजेएम के यहां से जिला जज के यहां कमिटल होगी पत्रावली
कमिटल के लिए सीजेएम ने 18 मई 2024 की नियत
फतेहपुर हत्याकांड के आरोपियों की जमानत हाईकोर्ट में लंबित
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। चर्चित फतेहपुर हत्याकांड में पुलिस ने 25 आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल कर दिया है। अपर एवं सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या तीन संजय कुमार की अदालत ने आरोपियों की जमानत याचिका सुनवाई के दौरान खारिज कर दी थी। आरोपियों की जमानत याचिका हाईकोर्ट में लंबित है।
रुद्रपुर थाना क्षेत्र के फतेहपुर गांव में 2 अक्तूबर 2023 को जमीन विवाद में पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रेमचंद यादव की हत्या के प्रतिशोध में गांव वालों ने सत्यप्रकाश दूबे समेत उनके परिवार के चार सदस्यों की गोली मारकर व धारदार हथियार से हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने जांच कर आरोपपत्र न्यायालय में प्रेषित कर दिया है। इसमें पुलिस ने जांच के उपरांत पाया कि अपराध संख्या 414/2023 में गोरख यादव, श्याम यादव, कुश यादव, परमहंस यादव, रामजी यादव, देवानंद यादव, दुर्गेश यादव, अनिरुद्ध यादव, राम भवन यादव, राधेश्याम यादव, दिवाकर तिवारी, बेचू राजभर, अर्जुन यादव, परशुराम राजभर, प्रदीप राजभर, फुलगेना यादव, रमायन पाल, सुदामा पाल, सुग्रीव पाल, रघुवीर पाल, अमरनाथ तिवारी, पवन तिवारी, नवनाथ मिश्रा, गोलू उर्फ रोहित यादव, संदीप यादव इस हत्याकांड में शामिल रहे।
पुलिस ने धारा 147, 148, 149, 34, 323, 427, 352, 452, 504, 307, 302, आईपीसी एवं 7 सीएलए एक्ट में आरोपपत्र मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में 20 दिसंबर 2023 को दाखिल किया है। इसमें एक अभियुक्त नवनाथ मिश्रा की जमानत याचिका अभी खारिज नहीं हुई है। सीजेएम ने इसका संज्ञान लेते हुए 18 मई 2024 को तिथि नियत की है। पुलिस दूसरे पक्ष के शेष अभियुक्तों की तलाश व साक्ष्य संकलन में जुटी हुई है।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य की हत्या के प्रतिशोध में हुआ था फतेहपुर कांड, एक ही परिवार के पांच लोगों की हुई थी हत्या
कांड में 27 नामजद और 50 अज्ञात पर दर्ज है केस
35 से अधिक लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी
एक आरोपी की जेल में हो चुकी है मौत
संवाद न्यूज़ एजेंसी
देवरिया/रुद्रपुर। बीते साल 2 अक्तूबर को फतेहपुर गांव के लेहड़ा टोले पर जमीन के विवाद में पूर्व जिला पंचायत सदस्य की हत्या के बाद प्रतिशोध में आक्रोशित भीड़ ने एक ही परिवार के पांच लोगों की हत्या कर दी थी। इसमें 27 नामजद और 50 अज्ञात पर गंभीर धाराओं में केस पंजीकृत हुआ। मामले में अब तक 35 से अधिक गिरफ्तारी हो चुकी है। इसमें एक आरोपी की जेल में ही मौत हो चुकी है। न्यायालय से नौ आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज होने के बाद एक बार फिर फतेहपुर कांड चर्चा में है।
फतेहपुर गांव के अभयपुर टोला निवासी पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रेम यादव पर गांव के लेहड़ा टोला निवासी सत्य प्रकाश दूबे के भाई ज्ञान प्रकाश दूबे की जमीन गलत तरीके से कराने के आरोप का विवाद था। इसको लेकर न्यायालय में मामला चल रहा था। दो अक्तूबर की सुबह पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रेम यादव की हत्या के बाद भीड़ ने सत्य प्रकाश दूबे उनकी पत्नी किरन, बेटी सलोनी, नंदनी और बेटा गांधी की हत्या कर दी। घटना में सत्य प्रकाश दूबे का बेटा अनमोल गंभीर रूप से घायल हो गया था।
पुलिस ने मृतक पूर्व जिला पंचायत सदस्य के पिता भाई सहित 27 नामजद और 50 अज्ञात पर मुकदमा दर्ज किया। इसमें कई नाम बाद में पुलिस की जांच में प्रकाश में आए। घटना में आरोपी पक्ष के तीन लोगों की मकान प्रशासन की पैमाइश में सरकारी जमीन पर पाई गई। इस पर न्यायालय से बेदखली करने का आदेश भी हुआ है।
फतेहपुर गांव में जमीन के लंबे विवाद में तत्कालीन एसडीम, कानूनगो और लेखपाल पर कार्रवाई की जा चुकी है। फतेहपुर कांड को याद कर क्षेत्रवासियों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं। हर कोई उस दिन को याद कर सिहर जाता है।