देवरिया। रबी और खरीफ फसलों के नुकसान पर दो तिहाई से अधिक किसानों को
मुआवजा न मिलने पर किसान नेताओं ने कलेक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन किया।
किसान
नेताओं ने प्रदेश सरकार पर किसान हितों की अनदेखी का आरोप लगाया। बाद में
राज्यपाल को संबोधित मांगपत्र एडीएम प्रशासन वीरेंद्र गुप्ता को
दिया।भारतीय किसान संघ ने दो तिहाई से अधिक किसानों को मुआवजा नहीं दिए
जाने पर गुस्से का इजहार किया।
किसान नेताओं ने कहा कि पिछले साल
रबी और खरीफ के सीजन में किसानों की फसलें बर्बाद हो गई। जिला प्रशासन ने
रबी के नुकसान की भरपाई के लिए 99 करोड़ रुपये की मांग शासन से की गई।
लेकिन शासन ने महज 30 करोड़ 35 लाख रुपये ही जिला प्रशासन को मुहैया कराया।
इसका
लाभ केवल 20 फीसदी किसानों को हुआ है। अभी भी 80 फीसदी किसानों को मुआवजा
की दरकार है। जिला प्रशासन को अभी 60 करोड़ सात लाख रुपये की जरूरत है।
किसानों को धान के बर्बाद फसल पर भी मुआवजा मिलना चाहिए।
किसान
नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार से मिले धन के वितरण में गड़बड़ी की
गई है। किसान नेताओं ने कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड पर बीमा कंपनियों की ओर
से प्रीमियम कटौती के बाद भी क्षतिपूर्ति नहीं दी गई। धरने में सुलभ बाजार
और किसानों को कृषि कार्यों का प्रशिक्षण दिलाने की मांग की गई।
इस
मौके पर शिव नारायण मिश्र, रामानंद सिंह, शेषनाथ तिवारी, महेश्वर पांडेय,
चंद्रिका सिंह, बिजेंद्र पांडेय, गुलाब यादव, राजेश कुशवाहा, वंश गोपाल
तिवारी, राम मिलन भारती, मुकेश निषाद आदि मौजूद रहे।