तरकुलवा। विकास खंड अंतर्गत देवरिया-कसया मार्ग पर रतनपुरा गांव के समीप सिरवनिया गन्ना क्रय केंद्र पर किसानों के गन्ने की तौल नहीं हो पा रही है। ठंड में किसान खुले आसमान के नीचे ठिठुर रहे हैं। इससे किसानों में आक्रोश है।
प्रतापपुर सुगर मिल की ओर से लगाए गए सिरवानिया गन्ना तौल केंद्र पर शुक्रवार को करीब 30 ट्राॅली गन्ना पड़ा था। गन्ना तौल के लिए न तो ट्रक था और न ही कोई लोडर। किसान रात 12 बजे से ही अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। खुले आसमान के नीचे कड़ाके की ठंड में ठिठुरते किसान भोजन के लिए भी अपने घर नहीं जा पा रहे थे। उन्हें डर था कि कहीं उनकी बारी खत्म न हो जाए।
गन्ना तौल क्रय केंद्र पर कांटा बाबू भी मौजूद नहीं थे, जिससे किसान अपनी व्यथा सुनाते। रतनपुरा गांव के किसान राम नक्षत्र यादव एक ट्राॅली गन्ना, पिपरहिया के किसान अशोक पांडेय एक ट्राॅली गन्ना, हरपुर गांव के किसान राम दुलारे एक ट्राॅली गन्ना, सिरवनिया गांव के नरेंद्र एक ट्राॅली गन्ना, इसी गांव के विजय मल्ल दो ट्राॅली गन्ना लेकर बृहस्पतिवार की मध्य रात से ही क्रय केंद्र पर ठंड से ठिठुर रहे थे।
इसके अलावा आसपास के गांवों के दर्जनों किसान तौल के लिए क्रय केंद्र पर बिना खाए-पीए अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। किसानों का आरोप था कि एक ठेकेदार के भरोसे ढाड़ा सुगर मिल द्वारा स्थापित कंचनपुर तौल क्रय केंद्र और प्रतापपुर सुगर मिल द्वारा स्थापित सिरवनिया गन्ना तौल क्रय केंद्र की जिम्मेदारी है। इसके चलते ठेकेदार ट्रकों और लोडरों को कंचनपुर में ही रोक लेते हैं और सिरवनिया क्रय केंद्र पर तौल सुचारू रूप से नहीं होती है।
आरोप था कि भीषण ठंड में इस क्रय केंद्र पर न तो अलाव की कोई व्यवस्था की गई है और न ही यहां अधिकारी ही समय से आते हैं, जिससे किसानों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है।
सिरवनिया गन्ना तौल क्रय केंद्र पर तैनात कांटा बाबू ने बताया कि उनके परिवार में एक सदस्य की मृत्यु हो गई थी। जिनके ब्रह्मभोज कार्यक्रम में शामिल होने के चलते क्रय केंद्र पर पहुंचने में बिलंब हुआ है। जल्दी ही सभी किसानों का गन्ना तौल शुरू करा दिया जाएगा।