भाटपाररानी। दो दिन लगातार हुई झमाझम बारिश से किसानों को काफी क्षति पहुंची है। पेड़-पौधों के साथ धान की फसल भी गिर गई है।
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी एवं कृषि वैज्ञानिक डॉ. मांधाता सिंह ने बताया कि शरद कालीन सब्जी के पौधे गोभी, टमाटर, बैगन, मूली, बोड़ी, नेनुआ, लौकी आदि में पानी लगने से पत्ते में फफूंदी लग जाएंगे। इसके लिए फफूंदी नाशक दवा का प्रयोग जरूरी है। केला, पपीता, तिल की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। केला, पपीता तथा गन्ने की फसल गिरने से काफी क्षति किसानों को हुई है।
उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि जो गन्ने की फसल गिर गई है, उसे बांधकर उसमें खाद का प्रयोग करें, ताकि उनकी वृद्धि हो सके। उन्होंने गिरे हुए धान की फसल वाले खेतों में लगे पानी को बहा देने की सलाह दी है। संवाद