पीसीएफ की गड़बड़ी से किसानों का 20 लाख भुगतान फंसा
गेहूं बेचने वाले किसानों का डाटा गलत फीड किया गया, मिसमैच होने पर रुका भुगतान
जिले के 27 किसान परेशान, गंभीरता से नहीं ले रहे अफसर
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने वाले कई किसानों का 20 लाख रुपये का भुगतान फंसा है। किसान क्रय केंद्र प्रभारी और कार्यालय का चक्कर काटने को मजबूर हैं। इसकी वजह विभागीय लापरवाही से डाटा का मिसमैच होना बताया जा रहा है। जिम्मेेदार भी इसको लेेकर खामोश हैं और किसानों की बातों को अनसुना कर रहे हैं।
शासन ने किसानों के बैंक अकाउंट में सीधे गेहूं खरीद की रकम भुगतान करने का निर्णय लिया है। इसी तर्ज पर इस वर्ष किसानों को भुगतान भी दिया गया है। पीसीएफ पर गेहूं बेचने वाले जिले के करीब 27 किसानों का 20 लाख रुपये अब भी फंसा है। विभागीय लापरवाही के कारण डाटा मिसमैच होने के कारण किसान फंसे हैं। ऐसी स्थिति में किसानों के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है। किसान इसकी शिकायत अफसरों से कर रहे हैं, लेकिन इनकी सुनने वाला कोई नहीं है। क्रय केंद्र प्रभारी भी संतोषजनक जवाब नहीं दे रहे हैं। इसको लेकर किसान चिंतित हैं। वहीं, विभागीय अधिकारियों का कहना है कि क्रय केंद्र प्रभारी गलत बैंक अकाउंट या आधार फीड किए हैं। इसकी वजह से किसानों का भुुगतान फंसा है। ऐसे किसानों की संख्या अधिक थी। सब लोगों का भुगतान करा दिया गया है। वहीं, क्रय केंद्र प्रभारियों का दावा है कि कार्यालय के कर्मचारियों की लापरवाही के कारण भुगतान फंसा हैं। डाटा फीडिंग में कार्यालय के कर्मचारियों ने गलती की है। इसलिए किसानों को परेशान होना पड़ रहा है। इस बाबत डिप्टी आरएमओ जितेंद्र यादव ने बताया कि डाटा मिसमैच के कारण यह दिक्कत आई है। इसे ठीक किया जा रहा है। क्रय केंद्र प्रभारी थोड़े सुस्त हैं। इसके चलते देरी हो रही है। बहुुत जल्द गेहूं बेचने वाले किसानों के अकाउंट में उनका भुगतान चला जाएगा।