संवाद न्यूज एजेंसी
भागलपुर। मोबाइल एप से चल रही ऑनलाइन फार्मर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया किसानों के लिए बड़ी परेशानी बनती जा रही है। जटिल प्रक्रिया और तकनीकी खामियों के कारण किसानों को अपनी उपज बेचने की अनुमति भी नहीं मिल पा रही है। कई किसानों को मजबूरी में अपनी फसल व्यापारियों को औने पौने दामों पर बेचनी पड़ रही है।
भागलपुर ब्लाॅक क्षेत्र में स्थिति चिंताजनक है। यहां 10 एकड़ जमीन वाले किसानों को भी 10-20 क्विंटल गेहूं बेचने का परमीशन मिल रहा है। इसकी वजह यह है कि लेखपाल द्वारा रजिस्ट्रेशन में किसान की पूरी जमीन सम्मिलित नहीं की गई है। बल्कि केवल एक गाटा ही शामिल किया गया है। जितनी भूमि रजिस्ट्रेशन में दर्ज होगी, उसी के आधार पर खरीद की जा रही है।
किसानों की परेशानी बढ़ाने वाला एक और कारण विपणन शाखा का स्थानांतरण है। पहले यह भागलपुर ब्लाक के पास स्थित था, लेकिन अब इसे करीब 10 किमी दूर पड़री गजराज के पास स्थानांतरित कर दिया गया है। एडीओ कोआपरेटिव रणविजय सिंह ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री के आधार पर ही किसानों को तमाम योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।