भाटपार रानी। इस्राइल में कमाने गए भाटपार रानी क्षेत्र के कई गांवों के सैकड़ों युवक फंसे हुए हैं। ईरान के हमले के बाद उनके परिजन काफी चिंतित हैं। हालांकि प्रतिदिन परिजन फोन से बात तो कर रहे हैं, लेकिन युद्ध को लेकर वे चिंतित हैं। बंकरों में युवके के खाने-पीने की भरपूर व्यवस्था है। पूरे इस्राइल में इमरजेंसी लगी हुई है।
क्षेत्र के ग्राम बहोरवां, तातायर खुर्द और तातायर बुजुर्ग, बखरी बाजार, बंगरा बाजार, जैसौली, जासपार, पिपरा बघेल, जावाडीह, करौंदा, टड़वा आदि गांवों के सैकड़ों युवक इस्राइल में दो साल पहले कमाने गए हैं। ये लोग मुख्य रूप से निर्माण कंपनियां, होटल, माल और छोटी-छोटी प्राइवेट फर्म व कंपनियों में काम करते हैं।
वहां गए युवक बताते हैं कि हमले की खबर मिलते ही कई कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को तुरंत मैसेज भेजकर न आने का निर्देश दे दिया। कुछ ने अगले आदेश तक कंपनी, मॉल, होटल आदि बंद कर दिए हैं। इस्राइल कमाने गए क्षेत्र के युवक राजकुमार, अजय प्रजापति, द्वारिका यादव, प्रदीप, संदीप, रूपेश, जयप्रकाश, रामप्रवेश, विजय, सत्येंद्र, रामकुमार, विनय, संदीप, राजू, जयप्रकाश यादव आदि के परिजनों ने बताया है कि इस्राइल हमले को लेकर उनके परिजन काफी चिंतित हैं।
उनका कहना है कि बात तो लड़कों से रोज होती है, लेकिन कब क्या घटना हो जाए कोई ठिकाना नहीं है। दो साल तक युद्ध के कोई आसार नहीं थे। अचानक इस युद्ध को लेकर वे काफी चिंतित हैं। इस्राइल में मौजूद युवकों ने बताया है कि बंकरों में खाने-पीने की सभी सुविधाएं मौजूद है। कंपनी से मैसेज आया है कि बाहर नहीं निकलना है।
पूरे इस्राइल में इमरजेंसी लगी हुई है। रात और दिन सायरन बजाने की आवाज सुनाई देती है। कभी-कभी मिसाइल हमले से हुए विस्फोट भी सुनाई दे रहा है। बहोरवा के संदीप, रजक, प्रदीप के परिजन रमेश रजक ने बताया है कि उनके परिवार के दो लड़के इस्राइल गए हैं। दोनों सुरक्षित हैं। बंकर में रह रहे हैं फिर भी हम लोगों को काफी चिंता है। चाहते हैं कि सही सलामत वे घर आ जाए।