रुद्रपुर। लंबित मांगों को लेकर कोटेदारों की हड़ताल का असर बुधवार को सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर देखने को मिला। संगठन के आह्वान पर कोटेदारों ने राशन वितरण का बहिष्कार कर नारेबाजी की।
कोटेदारों की हड़ताल से सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर पूरे दिन खाद्यान्न का वितरण नहीं हो सका। राशन लेने पहुंचे अंत्योदय एवं पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को बिना राशन लिए ही वापस लौटना पड़ा।
सुबह से ही तहसील क्षेत्र के नगर सहित गांवों में स्थित उचित दर की दुकानों पर लाभार्थी राशन लेने पहुंचे लेकिन वितरण बंद होने की जानकारी मिलने पर उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा। हड़ताल के कारण क्षेत्र की अधिकांश दुकानों पर ताले लटके रहे। इससे गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लाभार्थियों ने बताया कि वह दूर के टोले से राशन लेने आए थे लेकिन वितरण न होने से खाली हाथ वापस लौटना पड़ा। आल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष विश्वजीत मणि त्रिपाठी ने बताया कि कोटेदार लंबे समय से अन्य प्रदेशों की भांति 200 रुपये प्रति कुंतल लाभांश, बकाया खाली बोरे का भुगतान, दुर्घटना बीमा, मानदेय सहित अन्य मांगों को लेकर शासन से लगातार गुहार लगा रहे हैं।
कई बार ज्ञापन और आंदोलन के बावजूद कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर खाद्यान्न वितरण का बहिष्कार किया गया है। हड़ताल के दौरान नारेबाजी करने वालों में सुदर्शन कुमार, राकेश सिंह, हरिओम सिंह,अछैवर सिंह, मंगेश राव, रितेश प्रताप, दीनानाथ यादव, शिवदयाल पांडेय, वेदप्रकाश सिंह, प्रभाकर कुमार आदि शामिल रहे।