पूरवा चौराहे से मोहल्लों में जाने वाली कच्ची सड़क। संवाद
देवरिया। शहर के विस्तारीकरण के बाद नगर पालिका प्रशासन अब नए राजस्व ढांचे को लागू करने की तैयारी में जुट गया है। नगर क्षेत्र की सीमा बढ़ने के बाद कई गांव इसके दायरे में आ चुके हैं। इन सभी नवनियमित क्षेत्रों में सर्वे कराया जा रहा है, लेकिन अभी तक इस क्षेत्र में बिजली, पानी सड़क की सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं। नगर पालिका की तरफ से नियुक्त फर्म के कर्मचारी घर-घर जाकर सर्वे करा रहे हैं। मकानों की माप, भवनों की स्थिति और उपयोग के आधार पर टैक्स निर्धारण से संबंधित जानकारी जुटा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि शहर का फैलाव तेजी से बढ़ा है और शहरी सुविधाओं को बेहतर करने के लिए टैक्स संग्रह जरूरी है। हालांकि, स्थानीय निवासियों में इसको लेकर मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
लोगों का कहना है कि जब तक सड़क, नाली, पेयजल आपूर्ति और सफाई व्यवस्था सुव्यवस्थित नहीं हो जाती, तब तक टैक्स लागू करना जल्दबाजी होगी।
विस्तारित क्षेत्र में शामिल पुरवा चौराहा समेत कई मोहल्लों में अब तक सड़कें कच्ची हैं, नालियां बनी ही नहीं हैं और पानी की पाइपलाइन अभी बिछ रही है। पूर्वा चौराहे के पास घर बनाकर रहने वाले राजेंद्र साहनी, विश्वमंभर तिवारी, कमल यादव आदि का कहना है कि पहले इन क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं का विकास होना चाहिए, उसके बाद नगर पालिका को टैक्स लेना चाहिए। मोहल्लों में अभी भी कई स्थानों पर हैंडपंप और निजी बोरिंग ही जलापूर्ति का मुख्य साधन हैं। वहीं बारिश के समय जलभराव और नाली जाम होने की समस्या बरकरार है, जिसके कारण लोग परेशान रहते हैं।
स्थानीय निवासी सुनील गुप्ता, सीमा मिश्रा और अमन पांडेय का कहना है कि पहले सुविधाएं दी जाएं, फिर टैक्स वसूला जाए। उनका कहना है कि शहरी क्षेत्र में शामिल किए जाने के बाद भी उनके मोहल्लों का विकास गांव जैसा ही है।