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Deoria News: मेडिकल कॉलेज के मॉड्यूलर ओटी में होगा आंख का ऑपरेशन

Fri, 05 May 2023 11:47 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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मेडिकल कालेज की माड्यूलर आई ओटी, संवाद
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सेंसर युक्त लगा है दरवाजा व हैंडवाश के लिए टोटी, दस दिनों में ओटी के शुरू होने की संभावना
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में नेत्र विभाग के लिए मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर (ओटी) बनकर तैयार हो गई है, जो अत्याधुनिक उपकरण से लैस होगा। इसमें सेंसर युक्त दरवाजे और हैंडवाश के लिए टोटी भी लगी है। दस दिन में ओटी के शुरू होने की संभावना है। इसके चालू होने से ऑपरेशन में सहूलियत होगी।
मेडिकल कॉलेज के पुराने भवन में आंख से संंबंधित ऑपरेशन के लिए ओटी थी। अब नए भवन की चौथी मंजिल पर माड्यूलर ओटी का निर्माण कराया गया है। पुराने भवन स्थित ओटी से सामानों को शिफ्ट कर दिया गया है। नई ओटी में ऑपरेशन के लिए अच्छी सुविधा होगी। ओटी में हाइड्रोलिक ओटी टेबल, दो माइक्रोस्कोप, मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए फेको मशीन लगाई गई है। ओटी में जाने के लिए ऑटोमेटिक दरवाजा लगा है, जो सेंसर युक्त है। खोलने तथा बंद करने के लिए हाथ के पंजा सेंसर के पास ले जाने व पैर से छूना होगा। हैंडवास के लिए भी ऑटोमेटिक मशीन लगाई गई है। बड़े बेसिन में गर्म और नाॅर्मल पानी के लिए अलग-अलग टोटी लगी है। उसके नीचे हाथ ले जाने पर ऑटोमेटिक पानी गिरने लगेगा और हटाने पर बंद हो जाएगा। हाइड्रोलिक टेबल होने से उसे उपर, नीचे करने में आसानी होगी। वहीं डिजिटल ओटी लाइन की व्यवस्था है। आवश्यकतानुसार लाइट की तीव्रता घटाई व बढ़ाई जा सकती है। इसके अलावा उपकरण और कपड़ा, ग्लब्स को आटो क्लेव (बैक्टीरिया संक्रमण रहित) करने के लिए अलग-अलग मशीन लगाई गई है। असिस्टेंट प्रो. डॉ. कन्हैया प्रसाद, डॉ. एसके सिंह व एसआर डॉ. अदिती झुनझुनवाला ने ओटी का जायजा लिया।
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नेत्र विभाग में तीन सर्जन हैं। हर डॉक्टर सप्ताह में दो-दो दिन ऑपरेशन करते हैं। एक दिन में करीब 22 मरीजों का ऑपरेशन होता है। इन दिनों ओटी शिफ्ट होने और सामग्री के अभाव में ऑपरेशन बंद है।

पांच बेड का प्री ऑपरेटिव वार्ड तैयार
ओटी के पास पांच बेड का प्री ऑपरेटिव वार्ड बना है। इसमें ऑपरेशन के पहले मरीज को भर्ती किया जाएगा और ऑपरेशन की तैयारी होगी। ऑपरेशन होने के बाद भी मरीजों को कुछ देर तक रखा जाएगा। उसके बाद वार्ड में शिफ्ट किया जाएगा। यहां हर बेड पर ऑक्सीजन सहित अन्य सुविधा है।

डॉक्टर चैँबर में लगे हैं जांच के उपकरण
ओटी के पास डॉक्टर का चैंबर बनाया गया है, जहां नेत्र सर्जन और नर्सिंग स्टाफ रहेंगे। इसमें आपरेशन के पहले और बाद में आंख की जांच के लिए स्लीट लैप, लेंस का पावर की जानकारी के लिए ए-स्कैन तथा आंख के झिल्ली की सफाई के लिए याग्रेजा मशीन लगाई गई है।

कल्चर जांच रिपोर्ट आने के बाद शुरू होगी ओटी
- आपरेशन थियेटर शुरू करने से पहले फ्यूमिगेशन (संक्रमण रहित) किया जाता है।
इस समय ओटी फ्यूमिगेशन की गई है, इसमें केमिकल का स्प्रे किया गया है। अंदर किसी को भी जाने की अनुमति नहीं है। तीन दिन तक ओटी बंद रहेगी। इसके बाद कल्चर जांच के लिए भेजा जाएगा। वहां से रिपोर्ट आने के बाद ही चालू हो सकेगी।
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15 दिन से आंख का ऑपरेशन बंद
देवरिया। लेंस और अन्य सामग्री के अभाव में मेडिकल कॉलेज में इन दिनों मोतियाबिंद का ऑपरेशन ठप है। हर दिन एक दर्जन से अधिक मरीज लौट रहे हैं। अब डॉक्टर मरीजों को ऑपरेशन के लिए डेट देना बंद कर दिए हैं। राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम के तहत मोतियाबिंद के मरीजों को चिह्नित कर आपरेशन के जरिए आंखों को रोशनी देने का कार्य किया जाता है। इसके लिए सीएमओ कार्यालय से लेंस, दवा व अन्य सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। पर बजट के अभाव में सामग्री की कमी है। किसी तरह आयुष्मान कार्डधारक मरीजों का ही आपरेशन हो पा रहा है। जबकि अन्य मरीजों को लौटना पड़ रहा है। असिस्टेंट प्रो. डॉ. कन्हैया प्रसाद ने बताया कि कई बार सीएमओ को पत्र लिखा गया है, लेकिन सामग्री उपलब्ध नहीं कराई गई है।
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- लेंस व दवा सहित अन्य सामग्री की कमी से ऑपरेशन कार्य प्रभावित है। यूपी मेडिकल काॅरपोरेशन (यूपीएमसी) से मंगाने की कार्रवाई की जा रही है। जल्द उपलब्ध हो जाएगा।
डॉ. राजेश झा
सीएमओ

- नेत्र विभाग के लिए माड्यूलर ओटी तैयार हो गई है। अभी कुछ और उपकरण मंगाए जा रहे हैं। साथ ही ओटी के जांच का मानक पूरा होने के बाद शुरू हो जाएगी।
डॉ. एचके मिश्रा सीएमएस
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