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Deoria News: सड़क और नाला निर्माण की खुदाई से खराब हुई तीसरी आंख

Wed, 29 Mar 2023 12:21 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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मेडिकल कॉलेज के एमसीएचविंग परिसर में आम के पेड़ पर लगा सीसी टीवी कैमरा।संवाद
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शहर में अपराध और अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए लगाए थे 13 कैमरे
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पुलिस को गतिविधियां देखने के लिए लोगों के निजी कैमरों का लेना पड़ रहा है सहारा
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर में करीब सात साल पहले 70 लाख रुपये के लगाए गए 13 सीसीटीवी कैमरे सड़क और नाला निर्माण की खुदाई के कारण खराब हो गए हैं। इसमें से कई कैमरे ऐसे हैं, जो गायब भी हो चुके हैं, जिनके बारे में पुलिस को खुद ही पता नहीं है। इस कारण शहर में पुलिस का अपना कैमरा कम पड़ गया है। अब पुलिस को लोगों के निजी कैमरों का सहारा लेना पड़ रहा है। जुर्म होने पर तीसरी नजर के न होने के कारण अपराधों पर लगाम नहीं लग पा रहा है।
शहर में यातायात पुलिस ने 2015 में 70 लाख की कीमत से सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे, जो 2019 में फोरलेन निर्माण के कारण खराब हो गए। इसके बाद सिविल लाइंस रोड पर नाला निर्माण शुरू हुआ तो उन्हें उखाड़ कर जैसे-तैसे रख दिया गया। पुलिस भी इन कैमरों के प्रति बेपरवाह बनी रही और सभी कैमरे खराब हो गए। अब हालत यह है कि अपराध होने पर पुलिस निजी मकानों में लगे कैमरों का सहारा ले रही है, क्योंकि पुलिस ने इनकी जगह पर फिर से कोई कैमरा नहीं लगवाया। इस कारण लाखों रुपये के कैमरे समाप्त हो गए हैं।
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सीसीटीवी कैमरे से हो चुके हैं कई खुलासे
देवरिया। सीसीटीवी कैमरा कई बार पुलिस के लिए वरदान साबित हो चुका है। शहर के को-ऑपरेटिव चौराहे के पास हुई दो लूट की वारदात पुलिस ने कैमरे के जरिए ही खोला था। भीखमपुर रोड पर चैन स्नेचिंग की घटना का खुलासा भी सीसीटीवी फुटेज से हुआ। इसमें शामिल गिरोह के सभी सदस्यों की पहचान पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे से कर ली थी। गौरीबाजार थाना क्षेत्र में सहज जन सेवा केंद्र पर गोली मारकर लूटने वाले गिरोह के गिरेबां तक पुलिस को पहुंचाने में कैमरा मददगार साबित हुआ था।

थानों में लगे कैमरे भी हैं बंद
देवरिया। जनपद के सभी थानों में सीसीटीवी कैमरा लगाए गए थे। कई ऐसे थाने हैं, जिनके सीसीटीवी कैमरा काफी दिनों से खराब पड़े हुए हैं, इसके कारण थाना परिसर की पूरी गतिविधि कैमरे में कैद नहीं हो पाती है। इसके पीछे मंशा थी कि थाने की हर गतिविधियां सीसीटीवी कैमरे में कैद होंगी और मानवाधिकार का पालन होगा। पर देखरेख के अभाव में सीसीटीवी कैमरे एक के बाद एक खराब होते गए हैं। थाने में लगे सीसीटीवी कैमरे से आला अफसरों को परिसर में होने वाली सभी गतिविधियों पर नजर होती है। लाॅकअप में कौन बंद है, इसके बारे में उन्हें जानकारी रहती है। पूरा रिकाॅर्ड भी इसमें कई महीनों तक रहता है। पर हालत यह है कि खुखुंदू थाने में लगा एक कैमरा काफी दिनों से खराब है। यहीं हाल एकौना, भलुअनी, मईल, बरियारपुर, महुआडीह, भाटपाररानी सहित अन्य कई थानों का है।
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कोट
थानों में लगे कैमरे अगर खराब हैं तो उनको ठीक कराया जाएगा। पुलिस लोगों के सहयोग से भी हर चौराहे पर कैमरा लगवाने का काम कर रही है। इससे अपराध होने पर काफी मदद मिलती है। बदमाश भी सहमते हैं।
राजेश कुमार, एएसपी
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