बिहार के रिटायर्ड शिक्षक ने पेंशन जारी करने के बदले घूस मांगने की शिकायत की थी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। ट्रेजरी ऑफिस में तैनात एक लेखाकार को मंगलवार की दोपहर में गोरखपुर की एंटी करप्शन टीम ने रंगेहाथ पकड़ लिया। आरोप है कि लेखाकार ने एक रिटायर्ड अध्यापक से पेंशन जारी कराने के बदले घूस लिया है। घटना की जानकारी होने पर कर्मचारी नेता कोतवाली पहुंच गए।
लार थाना क्षेत्र के नेमा गांव निवासी सोनू कुमार उर्फ सूर्य प्रकाश मणि के पिता शुभनाथ बिहार के वैशाली जनपद में शिक्षक पद से चार माह पहले रिटायर हुए। उन्होंने एंटी करप्शन गोरखपुर से शिकायत की थी कि देवरिया कोषागार में तैनात लेखाकार दिनेश उपाध्याय दस हजार रुपये घूस मांग रहे हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए एंटी करप्शन की टीम ने मंगलवार दोपहर कोषागार में ही घूस लेते दिनेश उपाध्याय निवासी सुड़िया कुआं थाना शाहपुर, जिला गोरखपुर को गिरफ्तार कर लिया। मामले में कोतवाली पुलिस ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। सोनू ने बताया कि पिता के रिटायर होने के बाद ट्रेजरी दफ्तर में वैशाली जनपद से कागज भी आ गया था, पर पेंशन जारी कराने के लिए करीब एक माह से चक्कर काट रहा था। लेखाकार दस हजार रुपये घूस मांग रहे थे। इसकी शिकायत हमने शनिवार को एंटी करप्शन से की। एंटी करप्शन टीम के इंस्पेक्टर उदय प्रताप सिंह ने बताया कि लेखाकार को रंगेहाथ घूस लेते हुए पकड़ा गया है।
सीओ श्रीयश त्रिपाठी ने बताया कि एंटी करप्शन की टीम ने गिरफ्तार किया है। मामले की जांच पड़ताल टीम कर रही है।
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रिश्वतखोर कर्मचारी लगा रहे सरकारी महकमे के माथे पर कलंक
देवरिया। ट्रेजरी आफिस के लेखाकार दिनेश उपाध्याय के घूस लेते एंटी करप्शन टीम के पकड़े जाने के बाद एक बार फिर से यह साबित हो गया है कि सरकारी विभाग में रिश्वतखोर कर्मचारियों की जड़ें गहरी हैं। बिना दाम लिए काम न करने के आदी हो गए हैं। अभी दो माह पहले ट्रेजरी आफिस के ही एक कर्मचारी का रिश्वत लेते हुुए वीडियो वायरल हुआ था। मामले में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने सख्त रूख अख्तियार किया तो कर्मचारी को निलंबित किया गया।
अगस्त माह में खुखुंदू थाना क्षेत्र मरहवा गांव निवासी शत्रुध्न कुशवाहा ने एंटी करप्शन को शिकायत किया था कि खेत का नक्शा दुरुस्त कराने के नाम पर हल्का कानूनगो रिश्वत मांग रहे हैं। इस पर 20 अगस्त को तहसील दिवस पर भूमि का पत्थर दुरुस्त कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। कार्रवाई की जिम्मेदारी हलका कानूनगो अशोक पांडेय को दी गई थी। इस पर टीम ने कानूनगो को घूस लेते रंगेहाथ पकड़ लिया था। इसी तरह बिजली निगम कार्यालय पर तैनात वरिष्ठ लिपिक उग्रसेन सिंह को एंटी करप्शन टीम ने घूस लेते पकड़ा था।
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कर्मचारी नेताओं ने उठाया सवाल
देवरिया। दिनेश उपाध्याय के पकड़े जाने के बाद ट्रेजरी आफिस के कर्मचारी व कर्मचारी नेता कोतवाली पहुंच गए। कर्मचारी नेताओं का आरोप है कि एंटी करप्शन की टीम ने जबरन हाथ में रुपये पकड़ा दिया है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष अशोक कुमार पांडेय ने कहा कि कार्रवाई गलत की गई है। इसकी शिकायत कोषाधिकारी से की गई है। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी को पूरे मामले की जानकारी बुधवार को लिखित तौर पर दी जाएगी।
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