वित्तविहीन शिक्षक संघ के लोगों ने शुल्क वृद्घि के विरोध में प्रदर्शन किया।
माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक संघ ने बोर्ड परीक्षा में शुल्क बढ़ोत्तरी के खिलाफ बुधवार को आवाज बुलंद की। उनका कहना है कि शुल्क वृद्धि से विद्यार्थियों के परिवार पर आर्थिक बोझ पड़ेगा। शुल्क बढ़ोत्तरी को वापस नहीं लिया गया तो लाखों छात्र-छात्राएं परीक्षा से वंचित हो सकते हैं। शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री को संबोधित मांगपत्र एसडीएम को दिया।
संगठन के नेताओं की जुटान बुधवार को डीआईओएस कार्यालय में हुई। यहां बैठक में 10वीं और 12वीं की परीक्षा में ढाई गुना शुल्क बढ़ोत्तरी पर नाराजगी व्यक्त की। जिलाध्यक्ष मुमताज अली ने कहा कि शुल्क वृद्धि को जनहित में वापस लिया जाए। गरीब और किसान परिवार के विद्यार्थी ढाई गुना शुल्क जमा करने में असमर्थ हैं। शुल्क को वापस नहीं लिया गया तो लाखों विद्यार्थी बोर्ड की परीक्षा से वंचित हो सकते हैं। इसके बाद दिन में एक बजे से नारेबाजी करते हुए कोतावली रोड पर पहुंचें। सिविल लाइंस होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचें।
मुख्यमंत्री को संबोधित मांगपत्र में कहा गया है कि विद्यार्थियों के परिवार के आजीविका का साधन कृषि है। लगातार तीन फसल बर्बाद होने से किसान टूट चुका है। उस पर शुल्क वृद्धि ने जख्म को बढ़ा दिया है। किसान परिवारों के समक्ष ढाई गुना शुल्क अदा करना एक समस्या बन गई है। ऐस में सरकार को चाहिए कि अविलंब शुल्क बढ़ोत्तरी को वापस लें। प्रदर्शन में बालेश्वर यादव, अरुण श्रीवास्तव, अफजल खान, गिरीश पांडेय, प्रेमचंद्र यादव, प्रेमशंकर यादव, रघुवंश मणि, शमशेर अंसारी, निर्मला राय, अनीता सिंह, राजेश रावत, जमशेद अली, अजय यादव, ओमप्रकाश यादव आदि मौजूद रहे।