देवरिया में शिक्षक की करतूत से अभी भी दहशत
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देवरिया जिले के महुआडीह थाना क्षेत्र के एक गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में दो बच्चियों के साथ अश्लील हरकत के मामले में आरोपी शिक्षक की गिरफ्तारी के बाद भी बच्चों का डर दूर नहीं हुआ है। घटना के बाद से करीब 15 छात्र-छात्राओं ने स्कूल आना बंद कर दिया है। मंगलवार को पुलिस ने आरोपी शिक्षक मैनुल्लाह सिद्दीकी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया। वहीं, दो पीड़ित बच्चियों के मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराए गए। शिक्षक संगठनों ने भी घटना की निंदा की है।
क्या है पूरा मामला
विद्यालय में तीन अक्तूबर को आठ और 10 साल की दो बच्चियों के साथ घटना हुई थी। उस दिन जीवितपुत्रिका व्रत के कारण प्रधानाध्यापिका और दूसरी शिक्षिका अवकाश पर थीं। ऐसे में शैक्षणिक कार्यों के संचालन के लिए आरोपी शिक्षक को विद्यालय भेजा गया था। प्रधानाध्यापिका के अनुसार, पांच अक्तूबर को स्कूल पहुंचीं दोनों बच्चियों ने घटना की जानकारी दी। इसके बाद खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) को अवगत कराया गया।
आठ अक्तूबर को बीईओ ने विद्यालय पहुंचकर जांच की और अभिभावकों से बातचीत की। बच्चियों ने बताया कि आरोपी शिक्षक उन्हें खेत के रास्ते चौराहे पर ले गया था। वहां से बाइक पर बैठाकर गांव के रास्ते वापस स्कूल लाया था। घटना के बाद पीड़ित बच्चियों के अलावा उसी टोले के करीब 15 अन्य बच्चों ने भी स्कूल जाना बंद कर दिया है। आरोपी की गिरफ्तारी के बावजूद अभिभावकों और बच्चों में भय बना हुआ है।
पीड़ित परिवारों से सुलह की हुई थी कोशिश
गांव में चर्चा है कि शिक्षक की गंदी हरकतों की बात सामने आने के बाद कुछ लोगों ने तीनों पीड़ित छात्राओं के परिवार वालों को विश्वास में लेकर दोनों तरफ से सुलह-समझौते की कोशिश शुरू कर दी थी। सुलहनामा पर अभिभावकों का हस्ताक्षर भी हो गए थे। बाद में एक महिला ने इस समझौते को मानने से इन्कार कर पुलिस को शिकायती पत्र दे दिया। इसके बाद मामला प्रकाश में आ गया।
आरोप सिद्ध होने पर जा सकती है नौकरी
बीएसए डॉ. राम जियावन मौर्या ने मामले की जांच कराकर आरोपी शिक्षक को निलंबित कर दिया है। मामले में शिथिलता बरतने और उच्च अधिकारियों को सूचना देने में विलंब करने के मामले में बीईओ को नोटिस जारी किया गया है। भलुअनी के बीईओ सत्यप्रकाश को मामले की गहन जांच के लिए जांच अधिकारी नामित कर 15 दिन के भीतर रिपोर्ट मांगी गई है। आरोप सिद्ध होने या जांच में आरोप साबित होने पर शिक्षक की बर्खास्तगी की कार्रवाई भी की जा सकती है।
शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी बोले
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के कोषाध्यक्ष जय प्रकाश मणि त्रिपाठी ने कहा कि आरोपी शिक्षक का कृत्य घोर निंदनीय है। अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य को संवारने और सही दिशा देने के लिए शिक्षक पर विश्वास करके विद्यालय भेजते हैं। विद्यालय विद्या का मंदिर है। गुरु भगवान की तरह होता है। सभ्य समाज में इस तरह के कार्य की जितनी निंदा की जाए कम है।
इस पूरे प्रकरण की सक्षम स्तर पर निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। आरोप साबित होने पर शिक्षक को कड़ी सजा मिले। यदि किसी पूर्वाग्रह या साजिश के तहत फंसाया जा रहा हो तो यह भी जांच का गंभीर विषय है। संगठन इस घटना की कड़ी निंदा करता है। -संजय मिश्र, अध्यक्ष उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, बैतालपुर
मामले में पीड़ित परिजनों की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। अन्य विधिक कार्रवाई की जा रही है। -संजय कुमार रेड्डी, सीओ सदर