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Deoria News: रोडवेज की साइट हैक होने से 38 लाख की ईटीएम बेकार

Fri, 28 Apr 2023 12:29 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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रोडवेज परिसर से सलेमपुर की तरफ जाने वाली बस में बैठने के लिए धक्का-मुक्की करते यात्री ।संवाद
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बसों की रफ्तार पड़ी मंद, यात्रियों से हो रही किचकिच
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हर रूट पर यात्रा में लग रहा आधे से एक घंटे का समय
परिचालकों के धमकी मिली, तब तैयार हुए ड्यूटी के लिए
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। परिवहन निगम की साइट हैक होने का असर यह है कि 38 लाख की ई-टिकटिंग मशीन अनुपयोगी हो गई है। मैनुअल टिकट के कारण बसों की रफ्तार धीमी हो गई है। जिन मार्गों पर गंतव्य तक पहुंचने में एक घंटे लगते थे, अब वहां डेढ़ घंटे लग रहे हैं। गोरखपुर की यात्रा में भी समय अधिक लगने लगा है। इस कारण परिचालक और यात्रियों से नोकझोंक की स्थिति हो रही है।
करीब एक साल पहले 186 ई-टिकट मशीन 38 लाख रुपये की देवरिया डिपो को मिली थी। इस मशीन में विभिन्न तरह की सुविधाएं भी थीं। इसी दौरान दो दिन पहले परिवहन निगम की साइट हैक हो गई। बृहस्पतिवार को इसका असर यह रहा कि 176 बसों का संचालन सुचारु रूप से कराने में निगम के अफसरों के पसीने छूट गए। मैनुअल टिकट लेने से परिचालक कन्नी काटते रहे। जब रोडवेज के अधिकारियों ने कार्रवाई की धमकी दी तो परिचालक मैनुअल टिकट लेकर ड्यूटी पर पहुंचे, जबकि करीब आठ बसें खड़ी रहीं। हालत यह है कि मैनुअल टिकट बनाने में तीन से पांच मिनट का समय लग रहा है। इसके चलते गोरखपुर जाने वाली बस को औराचौरी के पास रोक कर परिचालक टिकट बना रहे हैं। सलेमपुर और बरहज जाने वाली बसों का टिकट आईटीआई के पास रोक कर बनाया जा रहा है, जबकि कसया मार्ग को जाने वाली बसों को भीमपुर गौरा के पास रोका जा रहा है। करीब आधे घंटे तक बस रुकने से यात्रियों का गुस्सा फूट रहा है। वह परिचालक से बहस कर रहे हैं। परिचालक अपनी नौकरी बचाने के लिए टिकट बन जाने पर चलने का हवाला दे रहे हैं। इस समस्या से यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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यात्रियों और परिचालकों के लिए मैनुअल टिकट बना परेशानी का सबब
मैनुअल टिकट से परिचालकों और यात्रियों दोनों को दिक्कत हो रही है। परिचालक एक-एक टिकट गिनकर जमा कर रहे हैं। उन्हें कैश जमा करने में ही एक घंटे का समय गुजर जा रहा है। इससे बसें परिसर में खड़ी रह रही हैं और देरी से चल रही हैं। इसके बाद यात्रा में भी समय लग रहा है। रोडवेज के कर्मचारियों की बातों पर गौर किया जाए तो परिचालकों की आदत मैनुअल टिकट बनाने की हो गई है, इसलिए वह मैनुअल टिकट नहीं बनाना चाहते हैं। इसके चलते वह अवकाश पर चले जा रहे हैं।

कोट
- ई-टिकट मशीन बंद होने से काफी दिक्कत हो रही है। यात्रा में समय भी लग रहा है। परिचालक ड्यूटी से कन्नी काट रहे हैं। टिकट लेने और कैश जमा करने दोनों में परेशानी हो रही है। मैनुअल टिकट से काम चलाया जा रहा है।
राकेश पति त्रिपाठी, वरिष्ठ केंद्र प्रभारी देवरिया डिपो
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कोट
- रोडवेज की बसों में ई-टिकट मशीन होने से काफी सहूलियत थी। खुले रुपये के झंझट से बचने के लिए ऑनलाइन भुगतान की सुविधा भी थी। मैनुअल टिकट बंद कर नई ऑनलाइन व्यवस्था शुरू होनी चाहिए, ताकि यात्रियों को सुविधा मिले।
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मनोज सिंह, यात्री रामलीला मैदान

कोट
- गोरखपुर से आने-जाने में इस समय लग रहा है। रास्ते में रोककर टिकट बनाने की वजह से परेशानी होती है। समय से न पहुंचने से कार्य प्रभावित होता है। इस समस्या का समाधान करना चाहिए, ताकि यात्रियों को राहत मिल सके।
डॉ. एनके पांडेय, यात्री
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