तरकुलवा सीएचसी के मरीजों को नही मिल रहा जन औषधि केंद्र का लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। तरकुलवा सीएचसी के नेत्र रोगियों के लिए जरूरी दवाइयों और चश्मे का टोटा है, जिससे आंख का ओपीडी डेढ़ माह से बंद पड़ा है। दवाइयों और चश्मे के अभाव में नेत्र रोगियों का मोतियाबिंद का ऑपरेशन नही हो पा रहा। ऊपर से यहां भारतीय जन औषधि केंद्र भी नही है, जिससे मरीज सस्ते कीमत पर दवाइयां खरीद कर ऑपरेशन करवा सकें। इसे लेकर लोगों में आक्रोश है। लोगों ने जनप्रतिनिधियों व स्वास्थ्य विभाग के आला अफसरों से सीएचसी पर जन औषधि केंद्र खोलने की मांग की है।
तरकुलवा सामुदायिक स्वास्थ केंद्र इन दिनों बदहाली का शिकार है। इस अस्पताल पर रोज हजारों की तादात में मरीज आते हैं। उन्हें निराश होकर लौटना पड़ता है। यहां डाॅक्टर तो हैं लेकिन जरूरी दवाइयां नही हैं। जिससे मरीजों को बाहर के मेडिकल स्टोरों से महंगी दवाइयां खरीदनी पड़ती हैं। दवाइयों के अभाव में अधिकांश मरीज बीच में ही इलाज छोड़ देते हैं, जिससे उनका मर्ज ठीक होने की बजाय और बढ़ जाता है। सबसे बुरी स्थिति नेत्र रोगियों की है। नेत्र सर्जन डाॅ. पंकज कुमार ने बताया कि हर रोज नेत्र रोग से संबंधित सैकड़ों मरीज आते हैं। मगर स्टोर में दवाइयां उपलब्ध नही हैं, जिससे नेत्र ओपीडी बंद है। उन्होंने बताया कि मोतियाबिंद के ऑपरेशन में लगभग सात से आठ सौ रुपए की दवा और चश्मा लगता है। दवा और चश्मा के अभाव में ऑपरेशन नही हो पा रहा है। बाहर की दवा लिखने पर मरीज झगड़ा करते हैं। यदि अस्पताल में जन औषधि केंद्र होता तो वहां से मरीजों को तीन सौ रुपए में दवा और चश्मा मिल जाता। जिससे गरीब मरीज भी अपना ऑपरेशन आसानी से करवा लेते। सीएचसी के प्रभारी डाॅ. अमित कुमार ने बताया कि दवाइयों का डिमांड जिला अस्पताल से किया गया है। जल्दी ही दवा और चश्मा उपलब्घ हो जाएगा। क्षेत्र के सुभाष पाठक, डा. मुहम्मद इस्लाम, रामकृपाल राव, शिवशंकर यादव, विनोद जायसवाल, रवि शंकर सिंह, भोलू जायसवाल, सरफराज अहमद, महेंद्र जायसवाल, दया शंकर पति द्विवेदी, अशोक यादव आदि ने सीएचसी पर जन औषधि केंद्र खोलने की मांग की है।