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Deoria News: ईपीएफ की धनराशि दबाएं बैठी हैं कंपनियां

Wed, 01 Mar 2023 12:08 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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बेसिक शिक्षा विभाग और बिजली निगम के 256 कर्मचारियाें के ईपीएफ का मामला
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शिक्षा विभाग से 43 कर्मचारियों के ईपीएफ के रुपये लेकर कंपनी फरार
बिजली निगम के 213 कर्मचारियों के करोड़ों रुपये फंसे
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। आउटसोर्सिंग के जरिए काम लेने वाली कंपनियों की नजर कर्मचारियों के ईपीएफ की धनराशि पर खराब है। वेतन से कटौती करने के बाद ईपीएफ धनराशि जमा नहीं कर रही हैं। बेसिक शिक्षा विभाग में कंपनी 43 कर्मचारियों के एक साल का ईपीएफ के रुपये लेकर रफूचक्कर हो गई है। कंपनी के बारे में अब पता भी नहीं चल पा रहा है। बिजली निगम के 213 कर्मचारियों की पुरानी कंपनी तीन माह का ईपीएफ का धन दबाए बैठी है।
आउटसोर्सिंग से काम कराने वाली कंपनियों नेे ईपीएफ की धनराशि में जमकर खेल करने का काम किया है। बेेसिक शिक्षा विभाग और बिजली निगम के करीब 268 कर्मचारियों की ईपीएफ की धनराशि फंसी हुई है। बेसिक शिक्षा विभाग में आउटसोर्सिंग के जरिए रखे गए 55 कर्मचारियों का करीब एक साल का ईपीएफ लेकर एक कंपनी गायब है। अब बीएसए कार्यालय के अभिलेख में दर्ज पता भी फर्जी है। उसके पते पर ढूंढने पर जानकारी नहीं मिल पा रही है।
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विभागीय चूक तो यह है कि दो साल पूर्व अनुबंध के दौरान विभाग ने उसकी बंधक धनराशि भी जमा नहीं की है। बेसिक शिक्षा विभाग में समग्र शिक्षा के तहत हर ब्लॉक पर ईएमआईएस और सहायक लेखाकार, कंप्यूटर ऑपरेटर सहित बीएसए दफ्तर में कर्मचारी रखे गए हैं।
जेम पोर्टल पर टेंडर प्रक्रिया के तहत कंपनी के माध्यम से इन्हें मानदेय दिया जाता है। विभाग कंपनी के खाते में धनराशि भेजती है और वह ईपीएफ कटौती और मानदेय कर्मचारियों के खाते में भेजता है।
दो साल पहले देवरिया बेसिक शिक्षा विभाग ने आरआरबी कंपनी को टेंडर दिया। कंपनी ने कर्मचारियों का एक साल का ईपीएफ खाते में ही नहीं भेजा है जबकि विभाग की ओर से उसे पूरी रकम भेज दी गई है। मामले का खुलासा होने पर विभाग ने उसके मूल पते पर उसे ढूंढने का प्रयास किया पर कंपनी का कार्यालय ही वहां नहीं मिला।
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इसी तरह बिजली निगम में आउटसोर्सिंग कंपनी ने करीब 213 लाइनमैनों और श्रमिकों का अगस्त, सितंबर अक्तूबर के मानदेय का ईपीएफ नहीं जमा किया है। अब यह कंपनी बदल चुुकी है। करीब एक रोड़ रुपये से अधिक धनराशि जमा की जानी है। इसके लिए कर्मचारी निगम के चक्कर काट रहे हैं।

कोट
ईपीएफ जमा न करने पर निदेशालय को जानकारी दी गई है। कंपनी के पते और मामले की जांच की जा रही है। विभाग की ओर से कंपनी को पूूरा भुगतान कर दिया गया है।
-विजय पाल नरायण त्रिपाठी, प्रभारी बीएसए
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