ईओ, सीवीओ समेत प्रोजेक्ट मैनेजर दोषी बताया
सलेमपुर। मझौलीराज के कान्हा गोशाला की जांच के बाद टीम ने अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है। नगर पंचायत के ईओ, सीवीओ, कार्यदायी संस्था सीएनडीएस के प्रोजेक्ट मैनेजर और एक कर्मचारी को दोषी बताया गया है। फर्म व संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की सिफारिश की है। जमानत धनराशि जब्त कर निर्माण में आर्थिक क्षति का आंकलन कराकर संबंधित फर्म व ठेकेदार से वसूली की संस्तुति की गई है।
सीएनडीएस ने मझौलीराज नगर पंचायत में निराश्रित पशुओं के लिए 2 करोड़ 38 लाख की लागत से कान्हा गोशाला का निर्माण कराया है। डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने 21 मई को गोशाला के निरीक्षण में खामियां मिलने पर नाराजगी जताई थी। ईओ पंकज कुमार का वेतन रोककर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गुंजन द्विवेदी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की थी। डीएम को भेजी जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि गोशाला में पशुओं के चारा के लिए बना नाद ड्राइंग के अनुरूप नहीं है। मानक एवं इस्टीमेट के अनुरूप कार्य नहीं कराया गया है। शेड की फर्श एवं नालियों में प्रयुक्त की गई अन्य निर्माण सामग्री खराब गुणवत्ता की पाई गई। गोशाला में मिट्टी भराई का काम ठीक प्रकार से नहीं पाया गया। गोशाला के कार्यालय व बरामदे में फर्श निम्न गुणवत्ता का पाया गया। फर्श इतनी खराब बनी है कि इस पर चलने से दब रही थी।
पांच जून को क्षेत्रीय लेखपाल संजय सिंह ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को बताया था कि साक्ष्य छिपाने के लिए गोशाला में तोड़कर फिर से निर्माण किया जा रहा है। जांच टीम के मुताबिक, कार्यदाई संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर कर्मचारी वेद प्रकाश सिंह, ईओ मझौलीराज पंकज कुमार एवं सीवीओ पीएन सिंह इसके लिए उत्तरदायी हैं। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गुंजन द्विवेदी ने बताया कि जांच के बाद कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेज दी गई है।