गौरी बाजार। लबकनी गांव में बाहरी लोगों के प्रवेश पर प्रशासन ने रोक लगा दी है। साथ ही, जनपद में जारी निषेधाज्ञा की तिथि 15 अक्तूबर तक बढ़ा दी गई है।
दूसरे जनपद से पहुंचे कुछ लोगों ने ग्रामीणों के साथ तीसरे दिन भी क्रमिक अनशन और धरना-प्रदर्शन जारी रखा। प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना है कि मांगें पूरी होने तक धरना जारी रहेगा।
पुलिस प्रशासन के रिपोर्ट के आधार पर डीएम मधुसूदन हुल्गी ने शांति व्यवस्था स्थापित करने के लिए लबकनी गांव में बाहरी लोगों, सामाजिक संगठनों एवं जनप्रतिनिधियों के आने -जाने पर प्रतिबंध लगा दी है। बिना सक्षम अधिकारी के अनुमति के प्रवेश नहीं मिलेगा।
बता दें कि कुछ दिन पहले बिना प्रशासन की अनुमति के कुछ लोगों ने खलिहान की जमीन पर डाॅ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित कर दी थी।
विवाद के बाद प्रशासन ने प्रतिमा को हटवा दिया था। इस दौरान पुलिस प्रशासन पर पथराव किया गया। पुलिस ने कुछ लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की थी। हालांकि, इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं की गई थी।
तीन दिन पहले बाराबंकी से आए चंद्रशेखर सहित कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मामले को एक बार फिर सुर्खियों में लाया।
29 अप्रैल की शाम से अपनी मांगों के समर्थन में कुछ ग्रामीणों के साथ क्रमिक अनशन धरना प्रदर्शन पर बैठे गए। उनकी मांग है कि विवाद के दौरान दर्ज की गई प्राथमिकी वापस ली जाए।
डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पुनः वहीं स्थापित की जाए तथा निलंबित कर्मचारी को बहाल किया जाए।
प्रभारी निरीक्षक मृत्युंजय राय ने बताया कि कुछ बाहर से आए लोग ग्रामीणों को बरगलाकर मामले को बेवजह तूल दे रहें हैं। स्थिति पर पुलिस नजर बनाए हुए है।
कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों से पुलिस कड़ाई से निपटेगी।