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Deoria News: नगर पालिका की अनियमितता की जांच चौथी बार शुरू

Sun, 05 Mar 2023 11:38 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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कमिश्नर की टीम ने अभिलेखों को खंगाला, मौके की जांच की, दस मार्च को सौंपनी है रिपोर्ट
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पूर्व अध्यक्ष स्व. रामायण राव ने की थी शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। नगर पालिका परिषद की अनियमितता के आरोप की जांच चौथी बार तेज हो गई है। कमिश्नर गोरखपुर की गठित टीम दस मार्च को लोकायुक्त को अपनी रिपोर्ट सौंप देगी। इसके लिए टीम ने नगर पालिका के ईओ से अभिलेख लिए हैं। मौके की जांच भी की है।
नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष रामायण राव ने 2013-14 में लोकायुक्त से नगर पालिका देवरिया की शिकायत की थी। उन्होंने शिकायत में बताया था कि स्लेज फार्म की नीलामी, लकड़ी खरीदारी, हनुमान मंदिर चौराहा, सीसी रोड, गोरखपुर रोड पर बने नाला और सड़क निर्माण में गड़बड़ी की गई है।
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इसकी जांच लोकायुक्त ने 2014 में ही बैठा दी। इसके बाद पूर्व अध्यक्ष का निधन हो गया और उनके पुत्र विजय राव ने लोकायुक्त से एक बार फिर शिकायत करते हुए कहा कि जिले के अधिकारियों पर हमें भरोसा नहीं है। इस पर लोकायुक्त ने कमिश्नर गोरखपुर को कमेटी गठित करने के लिए कहा।
इसके तहत गोरखपुर के सीआरओ सुशील कुमार गौड़, ट्रेजरी अधिकारी राजीव, लोक निर्माण विभाग के प्रवीण कुमार को जांच सौंपी गई है। इस समिति ने नगर पालिका के ईओ रोहित सिंह से अभिलेखों के बारे में जानकारी मांगते हुए कुछ जगहों का भौतिक सत्यापन किया है। इसकी जांच रिपोर्ट लोकायुक्त को दस मार्च तक दे देनी है।

तीन बार हो चुकी है जांच, मिल चुकी है क्लीनचिट
देवरिया। नगर पालिका परिषद के निर्माण कार्यों में अनियमितता की जांच इससे पहले तीन बार हो चुकी है। लोकायुक्त के निर्देश पर सबसे पहले एडीएम वित्त एवं राजस्व राजशेखर ने अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। इसके बाद तत्कालीन जिलाधिकारी अमित किशोर और आशुतोष निरंजन ने जांच कर रिपोर्ट लोकायुक्त को भेजी थी। विभागीय सूत्रों की बातों पर गौर किया जाए तो इन तीनों रिपोर्ट में अनियमितता नहीं पाई गई है।
कोट
शिकायतकर्ता ने लोकायुक्त से कहा था कि गैर जनपद के अधिकारियों की टीम से जांच कराई जाए। कमिश्नर ने टीम गठित की है। जो अभिलेख मांगे गए हैं, वे दे दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट लोकायुक्त को शीघ्र दी जानी है।
-रोहित सिंह, ईओ

लोकायुक्त की टीम ने जब जांच शुरू की तो हमें बताना चाहिए था, लेकिन निर्देश के बाद भी हमें जानकारी नहीं दी गई है। हम आपत्ति कर लोकायुक्त से शिकायत करेंगे।
-विजय राव, शिकायतकर्ता

खुदिया बुजुर्ग गांव में विकास कार्यों में 21 लाख का गबन
देवरिया। बरहज विकास खंड के खुदिया बुजुर्ग गांव के विकास कार्यों में गबन किया गया है। जिलाधिकारी ने जांच कराई तो पता चला कि शौचालय सहित अन्य निर्माण में बड़ी अनियमितता बरती गई है।
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जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी नीरज अग्रवाल और सहायक अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण श्वेता मौर्या की जांच में उजागर हुआ है कि 16 से 23 दिसंबर के बीच करीब दस लाख रुपये की धनराशि खाते से स्थानांतरित की गई है। इस धन से पंचायत भवन बनना था, लेकिन जैसे-तैसे आधा-अधूरा ही भवन बन पाया है। सामुदायिक शौचालय व्यक्तिगत भूमि पर बनवाया गया है। प्राथमिक विद्यालय में बिना टाइल्स लगाए ही भुगतान कर लिया गया है। जबकि टाइल्स लगवाने में एक लाख 40 हजार रुपये का भुगतान दर्शाया गया है। वहीं बिना स्ट्रीट लाइट लगवाए ही एक लाख 35 हजार और 74 हजार रुपये की 30 लाइट लगवाने का भुगतान ले लिया गया है। जबकि 84 शौचालय बने नहीं और 12 हजार रुपये प्रति लाभार्थी भुगतान भी करा लिया गया है। इस तरह करीब 21 लाख रुपये का गबन किया गया है। संवाद
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