निजीकरण के विरोध में बैंकों में तालाबंदी, हड़ताल से पांच सौ करोड़ का व्यवसाय प्रभावित
देवरिया। बैंकों के निजीकरण के विरोध में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर सोमवार को जिले के 125 सरकारी, 13 निजी एवं बड़ौदा यूपी बैंक की 73 शाखाओं के बैंककर्मी हड़ताल पर रहे। हड़ताल के चलते सभी बैंक शाखाओं में तालाबंदी रही और ग्राहकों के कामकाज नहीं हुए। इससे ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर में जुलूस निकालकर बैंककर्मियों ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों एवं वित्त मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। एक दिन की बंदी से करीब 500 करोड़ का व्यवसाय प्रभावित होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
संगठन के दो दिवसीय हड़ताल के आह्वान पर पहले दिन एसबीआई को छोड़ सभी बैंकों के कर्मचारी व अधिकारी रेलवे स्टेशन रोड पीएनबी मुख्य शाखा पर इकट्ठे हुए। संगठन के जिलाध्यक्ष आरएन राय के नेतृत्व में यहां से बैनर पोस्टर के साथ प्रदर्शन व नारेबाजी करते हुए बैंककर्मी सुभाष चौक, कचहरी चौराहा, शिव मंदिर, कोतवाली रोड, अंसारी रोड होते हुए मुख्य पीएनबी मुख्य शाखा पर पहुंचे। यहां सभा आयोजित कर आंदोलन को और तेज करने की रणनीति पर चर्चा की गई। जिला मंत्री डीके गुप्ता ने कहा कि बैंकों को निजीकरण कर सरकार बैंकिंग सेक्टर को बर्बाद करने पर तुली हुई है। अगर सरकार ने संगठन की मांगें नहीं मानीं तो आगे भी हड़ताल जारी रहेगा। सभा को सुजीत चतुर्वेदी, तेज बहादुर, अरविंद सिंह, रत्नाकर मणि, रायश्री, अंकिता, निकिता, हर्षा, नवीन, धनंजय सिंह, विनोद, त्रिपुरेश, मनोज, विनय, शिवानंद, राजेश, अनुपम, आरआर झा, शशिप्रकाश तिवारी, राजेश, सौरभ, प्रेम, जनार्दन, प्रेमशंकर, संतोष, जैनेंद्र, अविनाश, संदीप, अरुण, भानू, सरोज, राहुल यादव, गिरजेश, बैजनाथ, श्रीनिवास, जीत कुमार, अमितेश आदि ने संबोधित किया।
एसबीआई मुख्य शाखा पर बैंककर्मियों ने किया प्रदर्शन
देवरिया। राघवनगर स्थित एसबीआई मुख्य शाखा पर एसबीआई कर्मियों ने धरना व विरोध प्रदर्शन किया। सभा कर उन्होंने सरकार की आर्थिक नीतियों का विरोध किया। सभा को भारतीय स्टेट बैंक स्टॉफ एसोसिएशन के आंचलिक सचिव एसपी मिश्रा, अधिकारी संघ के सहायक क्षेत्रीय सचिव मनोज सिंह ने संबोधित किया। इस दौरान जगदीश सिंह, विशाल चतुर्वेदी, जैनेंद्र कुशवाहा, धनंजय मिश्रा, संजय कुमार, अभय मिश्रा, केके सिंह, वीरेंद्र शुक्ला, सुष्मिता बरनवाल, पूजा, अनामिका, राकेश मिश्र आदि मौजूद रहे।
आज भी बंद रहेंगी बैंक शाखाएं
यूपी बैंक इंपलाइज यूनियन के जिला मंत्री डीके गुप्ता ने बताया कि जिले में 200 से अधिक सरकारी व निजी क्षेत्र की बैंक शाखाएं हैं। कैैश के लेन-देन, चेक क्लीयरिंग, आरटीजीएस, एनईएफटी, कैश सहित अन्य सभी कार्यों को मिलाकर 500 करोड़ का व्यवसाय एक दिन में प्रभावित हुआ। उन्होंने बताया कि निजीकरण के विरोध में मंगलवार को भी सभी शाखाएं बंद रहेंगी।
निकाला जुलूस, जताया विरोध
भाटपाररानी। बैंकों के निजीकरण के विरोध में दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल के आह्वान पर सोमवार को नगर व क्षेत्र के सभी बैंक बंद रहे। बैंक कर्मियों ने यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस के नेता अखिलेश नंदन चौबे के नेतृत्व में नगर में जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। बैंककर्मियों ने कहा कि बैंकों के निजीकरण से ग्रामीण शाखाओं के बंद होने, लघु बचत योजनाओं पर ब्याज में कमी, कृषि ऋणों में कमी तथा किसानों की कृषि कार्यों से बेदखली हो जाएगी। प्रदर्शन में कृष्णा प्रजापति, रामकुमार, गोविंद मिश्र, अभय बरनवाल, अनुज तिवारी, विनोद कुमार, शंकर प्रसाद, रोहित उर्फ राहुल कुमार, रोशन गुप्ता, जितेंद्र, शिवमूरत शर्मा, अभय कुमार, बहादुर यादव, सुमित, गौरव आदि बैंककर्मी सम्मिलित रहे।
एलआइसी कर्मचारियों ने किया गेट पर प्रदर्शन
सलेमपुर। भारतीय जीवन बीमा निगम कार्यालय के गेट पर संयुक्त मोर्चा के कर्मचारियों ने सोमवार को प्रदर्शन किया। कर्मचारी 2017 से लंबित वेतन समझौता को लागू करने की मांग कर रहे थे। राज कोकिल आर्य ने कहा कि आज एलआईसी की कुल परिसंपत्ति 32 लाख करोड़ रुपये की है। जो दुनिया के 75 देशों की जीडीपी से भी अधिक है। इसके बावजूद केंद्रीय सरकार आईपीओ के माध्यम से एलआईसी की निजीकरण के रास्ते पर ले जाना चाहती है। प्रदर्शन में संजय सिंह, मदन रजक, मांधाता शाही, संजय कुमार, राज कोकिल आर्य, उमेश कुशवाहा, दिनेश कुशवाहा, आकाश आदि शामिल रहे।
काम काज प्रभावित
सलेमपुर। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण के खिलाफ बैंककर्मी सोमवार व मंगलवार को हड़ताल पर हैं। सोमवार को नगर के भारतीय स्टेट बैंक यूपी बड़ौडा बैंक आदि की हड़ताल के कारण काम काज प्रभावित रहा। लोगों को रकम निकालने में काफी दिक्कत उठानी पड़ी।
रुपये निकालने के लिए भटकते रहे लोग
रुद्रपुर। मर्जर और निजीकरण को लेकर बैंकों के हड़ताल से सोमवार को लोगों को काफी परेशान होना पड़ा। रुद्रपुर नगर के सात राष्ट्रीकृत बैंको पर दिन भर ताला लटकता रहा। लगातार चार दिनों तक बैंक बंद रहने से हाहाकार मचा है।
सोमवार को रुद्रपुर में करीब 12 करोड़ का कार्य प्रभावित हुआ। शनिवार और रविवार को बैंक बंद रहा। वहीं सोमवार और मंगलवार को बैैंक कर्मचारियों ने हड़ताल का ऐलान किया है। इस तरह लगातार चार दिन बैंक बंद रहने से हाहाकार मचा है। बैंको के हड़ताल से कारोबार प्रभावित हो रहे हैं। सोमवार को ग्राहक बैंकों का चक्कर काटते रहें। रुद्रपुर में यूबीआई के चार लाख खाताधारक हैं। वहीं स्टेट बैंक और अन्य बैैंकों को मिलाकर करीब 15 लाख खाताधारकों का चार दिन से जमा निकासी का कार्य नहीं हो पा रहा है। कपड़ा व्यापारी शिवानंद जायसवाल, महेश सिंह,संजीव कुमार गुप्त बाजन, गंगा गुप्ता, मनोज कुमार, ओमप्रकाश वर्मा, राधेश्याम गांधी, शिवशंकर कसौधन, उमा कसौधन, विजय कुमार कांदु, दवा व्यवसायी घनश्याम गुप्ता आदि ने कहा कि लगातार चार दिन बैंक से कारोबार नहीं होने व्यापार पूरी तरह ठप हो गया है। कारोबार बुरी तरह से प्रभावित है। कोरोना के कारण व्यवसाय पहले से ही चौपट हो गया है। इधर बैंकों का हड़ताल पटरी पर लौट रहे कारोबार में बाधा बन रहा है।