बिजली व्यवस्था सुधारने में बाधक बन रही उपकरणों की कमी
जुगाड़ से खराबी को ठीक कर रहे कर्मचारी, जिम्मेदार खामोश
मरम्मत के लिए रस्सी, न सीढ़ी, तार, रबर शूज व ग्लब्स के बगैर कर रहे काम
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। शहर और ग्रामीण क्षेत्र की बिजली आपूर्ति जुगाड़ से चल रही है। मरम्मत के लिए उपकेंद्रों पर उपकरण नहीं है। इसकी वजह से खराबी ठीक करने के लिए लाइनमैनों को जूझना पड़ रहा है। जान जोखिम में डाल कर कार्य करने को कर्मचारी मजबूर हैं।
फाल्ट सुधारने के लिए कर्मचारियों और लाइनमैन को रस्सी, सीढ़ी, रबर शूज, ग्लब्स, सेफ्टी बेल्ट मिलता है। इसके अलावा तार, इंसुुलेटर समेघत अन्य उपकरण विद्युत उपकेंद्रों से दिया जाता है। इन दिनों बिजली निगम के कर्मचारियों के पास सेफ्टी का कोई भी सामान नहीं है। खराबी को ठीक करने के लिए उपकरण भी नहीं मिल रहे हैं। इसके चलते तार जोड़ने और फ्यूज ठीक करने में कई दिन लग जा रहे हैं। कर्मचारियों की शिकायत को उच्चाधिकारी भी नहीं सुन रहे हैं। इसके चलते पोल पर चढ़कर कार्य करते समय लाइनमैन दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं, जबकि कागजों में सभी को सेफ्टी उपकरण मुहैया कराया गया है। ऐसी स्थिति में कर्मचारियों का कोई सुनने वाला नहीं है। यही वजह रही कि एक माह के अंदर आधा दर्जन लाइनमैन झुलस गए। एक्सईएन एके सिंह ने बताया कि जेई उपकरण के लिए डिमांड करते हैं, उस हिसाब से स्टोर से मिलता है। उपकरण की कमी नहीं होने दी जाएगी। कर्मचारियों को सेफ्टी उपकरण भी दिया जाता है, वे खुद इसका उपयोग नहीं करते हैं।
फोटो-
बिजली कटौती से बेहाल ग्रामीणों ने किया चक्काजाम
देवरिया-कसया मार्ग पर एक घंटे तक जाम लगाकर किया प्रदर्शन
11 जून को पांच एमवीए का ट्रांसफॉर्मर जलने के बाद से बाधित है तरकुलवा उपकेंद्र से आपूर्ति
अमर उजाला ब्यूरो
तरकुलवा। पिछले चार सप्ताह से बिजली कटौती का दंश झेल रहे लोग रविवार को सड़क पर उतर आए। स्थानीय विद्युत उपकेंद्र के सामने देवरिया-कसया मार्ग को जाम कर दिया। बिजली निगम के अफसरों-कर्मचारियों के खिलाफ जमकर नारे लगाए। करीब एक घंटे जाम के चलते मुख्य मार्ग पर वाहनों की कतार लग गई। मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष ने किसी तरह मान-मनौवल कर जाम समाप्त कराया।
तरकुलवा विद्युत उपकेंद्र पर लगा पांच एमवीए का ट्रांसफॉर्मर 11 जून को जल गया। इसके बाद से ही संबंधित क्षेत्रों में आपूर्ति ठप है। तमाम कोशिशों के बाद नया ट्रांसफॉर्मर लगाया गया, बावजूद आपूर्ति सुचारु नहीं हो सकी। टेस्टिंग के दौरान ही यह ट्रांसफॉर्मर जल गया। वर्कशॉप में दूसरा ट्रांसफॉर्मर न होने के कारण पुराने ट्रांसफॉर्मर को ही जैसे-तैसे दुरुस्त कर चालू किया गया। इससे सिर्फ एक ही फीडर चल पा रहा है। इसकी जानकारी जब अन्य फीडर से जुड़े उपभोक्ताओं को हुई तो रविवार को वह उपकेंद्र पर पहुंचकर हंगामा करने लगे। आक्रोशित ग्रामीणों ने उपकेंद्र के सामने कसया-देवरिया मार्ग पर चक्का जाम कर दिया। जाम से मुख्य मार्ग के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। छोटे वाहन वैकल्पिक मार्गों से आगे बढ़े, लेकिन ट्रक-बस जैसे अन्य बड़े वाहन जाम में ही फंसे रहे। जाम की सूचना पर थानाध्यक्ष नरेंद्र प्रताप राय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। आक्रोशित ग्रामीणों को समझाकर जाम खत्म कराया। उच्चाधिकारियों से वार्ता के बाद आश्वस्त किया कि सभी फीडरों को रोस्टर के अनुसार चलाया जाएगा। जाम लगाने वालों में सुनील यादव, रिंकू सिंह, अशोक दुबे, सुनील राव, अभिषेक सिंह, राजकुमार यादव, बबलू तिवारी, रामाश्रय गुप्ता, हरिओम सिंह आदि शामिल रहे।
फोटो समाचार
आपूर्ति प्रभावित होने पर किया प्रदर्शन
उपकेंद्र छोड़कर भागे वर्कर, जेई ने सीयूजी नंबर स्विच ऑफ किया
तार टूटने और फाल्ट से तंग आ चुके हैं लोग, लाइनमैन को लोगों ने घेरा
अमर उजाला ब्यूरो
लार। फाल्ट और तार टूटने से नाराज लोगों ने विद्युत उपकेंद्र पर प्रदर्शन किया। लोगों का गुस्सा देखकर मौजूद वर्कर उपकेंद्र छोड़कर चल गया, जबकि जेई ने सीयूजी नंबर बंद कर दिया। काफी देर तक लोग वहां जमे रहे, लेकिन कोई जिम्मेदार आया नहीं। वहीं, भेड़िहरवा टोला से गुजर रहे प्राइवेट लाइनमैन को लोगों ने घेर लिया और बिजली ठीक करने के बाद उसे छोड़ा।
लार नगर और गांवों की बिजली आपूर्ति भगवान भरोसे चल रही है। यहां तैनात जेई और प्राइवेट वर्करों की मनमानी से सुचारु रूप से बिजली नहीं मिल रही है। नगर के पिपरा वार्ड और भेड़िहरवा टोला की आपूर्ति दो दिन से तार टूटने के कारण ठप है। दोनों मोहल्ले के लोग रविवार को दोपहर में उपकेंद्र पहुंचे। यहां एक वर्कर मौजूद था, जिसने किसी बात सुनने से इन्कार कर दिया। लोगों ने जेई को फोन मिलाया तो उनका मोबाइल बंद था। कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए लोगों ने प्रदर्शन किया। दो घंटे तक कोई जिम्मेदार आया नहीं तो वह लौट गए। भेड़िहरवा टोला की तरफ से जा रहे प्राइवेट लाइनमैन को लोग घेर लिया। मामला बढ़ते देखकर लाइनमैन ने टूटे तार को जोड़ा। आरोप है कि लोकल फाल्ट और तार टूटने से नगर में आपूर्ति प्रभावित हो रही है। इसे ठीक करने के एवज में प्राइवेट लाइनमैन 200 से 500 रुपये मांग रहे हैं, नहीं देने पर खराबी को ठीक नहीं कर रहे हैं। इसमें विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत है। प्रदर्शन करने वालों में चंद्रभूषण सिंह, प्रमोद यादव, राजेश, उपेंद्र, कन्हैया, सोनू, ओमप्रकाश यादव आदि शामिल रहे।
सीटी ब्लॉस्ट होने से तीन तहसीलों की ठप रही आपूर्ति
- सलेमपुर 132 बिजली घर से जुड़े तीन तहसील की आपूर्ति ठप
- खराबी को ठीक करने में जुटे इंजीनियर, देर रात तक आपूर्ति मिलने की उम्मीद
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। सलेमपुर 132 केवीए बिजली घर पर कतरारी बिजली घर से जाने वाली मेन लाइन का इनकमिंग फीडर की सीटी (करंट ट्रांसफार्मर) ब्लॉस्ट हो गया। इसके चलते सलेमपुर, बरहज और भाटपाररानी तहसील की आपूर्ति ठप हो गई। खराबी को ठीक करने में इंजीनियर जुटे हुए हैं। देर रात तक आपूर्ति बहाल होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
सलेमपुर 132 केवीए बिजली घर से तीनों तहसील के दस से अधिक विद्युत उपकेंद्रों को आपूर्ति दी जाती है। रविवार की शाम करीब 5 बजे कतरारी से 132 पर जाने वाली मेन लाइन का इनकमिंग फीडर अचानक ब्लास्ट हो गया। इसके चलते सभी उपकेंद्रों की आपूर्ति ठप हो गई। गर्मी के कारण बिजली प्रभावित होने से लोग परेशान हो गए। लोगों के दबाव को देखते हुए खराबी को ठीक करने का कवायद कर्मचारियों ने शुरू कर दिया। शाम सात बजे तक आपूर्ति बहाल नहीं हुई थी। जेई एके मौर्या ने बताया कि देर रात खराबी को ठीक कर आपूर्ति बहाल कर दिया जाएगा। इंजीनियर इसे ठीक करने में जुटे हैं।
बिजली न मिलने से परेशान उपभोक्ताओं ने किया प्रदर्शन
- लगड़ा चौराहे पर बिजली निगम के खिलाफ की नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो
बरियारपुर। हफ्ते भर से बिजली न आने से परेशान उपभोक्ताओं ने रविवार को लगड़ा चौराहे पर बिजली निगम की व्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन किया। अधिकारियों व लाइनमैन में नारेबाजी की।
रिंकु मिश्रा ने कहा कि तरकुलवा उपकेंद्र से बिजली आती है जिसकी दूरी 30 से 35 किलोमीटर है। तार टूटने व फाल्ट की समस्या वर्षों से बनीं है। बिजली रहती भी है तो लो वोल्टेज के चलते पंखे नहीं चलते। एक हफ्ता हो गया अभी तक क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। जबकि यहां से दो किमी दूरी पर बरियारपुर उपकेंद्र है साप्लाई यहां से मिलने पर बिजली की समस्या दूर हो जाती। अशोक लाइनमैन क्षेत्र में दिखाई नहीं दे रहा। उसका नंबर भी कई दिनों से नहीं लग रहा। उपभोक्ताओ ने डीएम को सौंपने के लिए ज्ञापन तैयार किया। इसमें आसपास के गावों को बरियारपुर उपकेंद्र से जोड़ने की मांग की गई। इस दौरान अजय कुमार मिश्रा, विंध्याचल कुशवाहा, रवींद्र सिंह, रजत मिश्रा, राजेश गोड, अशोक मद्धेशिया, प्रमोद, गगन यादव, संदीप, अजय गौतम, आरिफ अंसारी, मनु शर्मा, विश्वनाथ, पंकज प्रसाद आदि मौजूद रहे