भीषण गर्मी में लोगों को सड़क पर टहल कर गुजारनी पड़ी रात
संवाद न्यूज एजेंसी
तरकुलवा। भीषण गर्मी में तरकुलवा विद्युत उपकेंद्र की बिजली आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है। मेन सप्लाई में ब्रेकडाउन, होल्ड, फॉल्ट, ट्रिपिंग और कभी डबल सर्किट में मेंटेनेंस के नाम पर मेन सप्लाई बंद होने के बीच बिजली आपूर्ति सिमट कर रह गई है। इससे उपभोक्ताओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
33/11 केवी तरकुलवा विद्युत उपकेंद्र की बिजली सप्लाई 132/33 केवी कसया पॉवर हाउस से होती है। शुक्रवार की दोपहर में देसही देवरिया बिजली सबस्टेशन के 33 केवी डबल सर्किट में तार बदलने को लेकर कसया पॉवर हाउस से मेन सप्लाई छह घंटे ठप रही। इससे उपकेंद्र के 350 गांवों के लोगों को भीषण गर्मी में पंखा झलकर दोपहर बितानी पड़ी।
रात में गढ़रामपुर फीडर की मेन लाइन में फॉल्ट से दो बजे रात से सुबह छह बजे तक गढ़रामपुर, महुआपाटन, नरायनपुर, बसंतपुर, पहाड़पुर, जमुनी, जलुआ, मठिया रत्ती, कनकपुरा, कारीटोला, कौलाचक, सिसवा, सोहनारिया आदि दर्जनों गांवों में
लोगों को सड़क पर टहल कर रात गुजारनी पड़ी। सुबह सप्लाई चालू हुई और एक घंटे बाद मेन सप्लाई होल्ड हो गई। घंटे भर आपूर्ति चालू हुई तो हर आधे घंटे पर ट्रिपिंग से बिजली कटती रही। उसके बाद फिर से देसही देवरिया उपकेंद्र के 33 केवी डबल सर्किट में मेंटेनेंस के चलते मेन सप्लाई बंद हो गई। उधर, रविवार को गढ़रामपुर फीडर की मेन लाइन में फॉल्ट के चलते कनकपुरा, कारी टोला और कौलाचक गांवों की बिजली पूरी रात गुल रही। इससे लोगों को भीषण गर्मी में जग कर रात गुजारनी पड़ी। बार-बार बिजली कटौती, फॉल्ट और ट्रिपिंग से उपभोक्ता काफी परेशान हैं।
लोगों का कहना है कि बिजली आपूर्ति रोस्टर के मुताबिक नहीं मिल रही है। यहां के ग्रामीण क्षेत्र में 18 घंटे की बजाय मात्र 10 घंटे ही बिजली आपूर्ति हो रही है। ऊपर से फॉल्ट, होल्ड और ट्रिपिंग की समस्या अलग है। यदि गांवों में ट्रांसफॉर्मर जल जा रहें हैं तो एक-एक सप्ताह लोगों को झेलना पड़ रहा है।
अवर अभियंता संदीप कुमार ने बताया कि उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति मुहैया कराने की पूरी कोशिश की जा रही है, लेकिन भीषण गर्मी व ओवर लोड से तार पिघल कर टूट जा रहे हैं। इससे आपूर्ति ठप हो जा रही है। उपकेंद्र पर लगे ट्रांसफॉर्मर भी हीट हो जा रहे है, जिसे ठंडा करना पड़ रहा है।