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उपचुनाव : चुनावी भंवर में उसे उतारें जो नैया पार लगा सके

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उपचुनाव : चुनावी भंवर में उसे उतारें जो नैया पार लगा सके
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सपा के कुछ नेताओं ने बैठक कर पूर्व प्रत्याशी के विरोध में उठाई आवाज
विनोद कुमार तिवारी
देवरिया। सदर विधायक जन्मेजय सिंह के निधन के बाद सदर विधानसभा सीट पर उपचुनाव की सरगर्मी तेज हो गई है। नेताओं में टिकट पाने की होड़ मच गई है। हालांकि समाजवादी पार्टी में इसे लेकर अंदरूनी कलह भी शुरू हो गई है। शनिवार की शाम बरहज रोड स्थित मैरेज हाल में जुटे कुछ सपा नेताओं ने बैठक कर बाकायदा तय किया कि जिला, प्रदेश एवं राष्ट्रीय नेतृत्व से मुलाकात कर सपा-कांग्रेस गठबंधन से चुनाव लड़ चुके जेपी जायसवाल को उपचुनाव में प्रत्याशी न बनाने की मांग की जाएगी।
वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी-कांग्रेस का गठबंधन था। दो बार कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में भाग्य आजमा चुके जेपी जायसवाल को सपा ने प्रत्याशी बनाया था। इसका विरोध हुआ। बगावत कर कुछ नेता चुनाव में उतर गए, मगर जीत भाजपा प्रत्याशी जन्मेजय सिंह को (88,030 मत) मिली। सपा-कांग्रेस गठबंधन के प्रत्याशी जेपी जायसवाल को 41794 मत मिले, जबकि बसपा के अभयनाथ तिवारी को 29,218 से संतोष करना पड़ा।
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सपा नेताओं को लग रहा है कि पार्टी इस बार भी जेपी जायसवाल को उम्मीदवार बना सकती है। ऐसे में टिकट मांग रहे पांच प्रत्याशियों, पूर्व ब्लाक प्रमुख, जिला पंचायत के कई सदस्य, सपा के एक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष सहित तकरीबन 25 नेताओं की जुटान मैरेज हाल में हुई। इसमें कहा गया कि पार्टी को इस बार दूसरे को चुनाव लड़ाना चाहिए, क्योंकि जेपी जायसवाल तीन-तीन बार हार चुके हैं। कुछ नेताओं ने तो यहां तक कहा कि ऐसा व्यक्ति जो सपा का हितैषी नहीं है, जो कार्यकर्ताओं का सम्मान नहीं करता उसे चुनाव में उतारना ठीक नहीं। वे अपने निर्णय से पार्टी नेतृत्व को भी अवगत कराएंगे। फिर भी पार्टी का जो निर्णय होगा, उसका पालन किया जाएगा। जिले की सातों विधानसभा क्षेत्रों में सिर्फ भाटपाररानी में ही सपा का कब्जा है।
इनसेट
आज करेंगे सपा नेताओं से मुलाकात
पार्टी सूत्रों के अनुसार जेपी जायसवाल को टिकट देने का विरोध कर रहे सपा के असंतुष्ट नेता सोमवार को राष्ट्रीय महासचिव रमाशंकर विद्यार्थी, विधान परिषद में नेता विरोधी दल एमएलसी रामसुंदर दास, सपा जिलाध्यक्ष डॉ. दिलीप यादव और भाटपाररानी के सपा विधायक आशुतोष उपाध्याय से मुलाकात कर अपने निर्णय से अवगत कराएंगे।
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कोट:
उपचुनाव के लिए मैंने टिकट ही नहीं मांगा है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जैसा निर्णय लेंगे, मुझे मान्य होगा। जो लोग मेरा विरोध कर रहे हैं उनमें से कई भाजपा के एजेंट हैं। भाजपा, बसपा से भागकर आए मुठ्ठी भर लोग नहीं चाहते कि सपा उपचुनाव जीते। 2017 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने मेरा विरोध किया था। उनके बारे में मैं पहले ही पार्टी के जिम्मेदार लोगों को अवगत करा चुका हूं। मेरे विरोध में हुई बैठक की मुझे पूरी जानकारी है।
- जेपी जायसवाल, पूर्व प्रत्याशी
कोट:
उपचुनाव में टिकट को लेकर सपा के कुछ नेताओं ने बैठक की है। ऐसी जानकारी मेरे संज्ञान में आई है। पूरे मामले से पार्टी नेतृत्व को अवगत कराया जाएगा।
- डॉ. दिलीप यादव, जिलाध्यक्ष, समाजवादी पार्टी
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