देवरिया। डेंगू के प्रतिदिन मरीज मिल रहे हैं। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में रविवार को आठ नए मरीज भर्ती किए गए। जबकि एक की हालत गंभीर देख रेफर कर दिया गया। जबकि भर्ती दस मरीजों का इलाज चल रहा है। एलाइजा जांच के लिए नए मरीजों के सैंपल भेजे गए हैं। वार्ड में भर्ती पांच मरीजों के स्वस्थ होने पर उन्हें छुट्टी दे दी गई।
डेंगू का प्रकोप कम नहीं हो रहा है। दूसरे प्रांत और प्रदेश के विभिन्न जिलों से आने वाले लोगों के अलावा शहर व ग्रामीण क्षेत्र के अलग-अलग क्षेत्रों से भी मरीज मिल रहे हैं। शहर के एक मोहल्ले का युवक लखनऊ में पढ़ाई करता है, जहां तीन दिन पहले बुखार से पीड़ित हो गया। इलाज से आराम नहीं मिला तो घर चला आया। यहां प्राइवेट में इलाज कराकर गांव कटेया थाना क्षेत्र गया। वहां जांच कराने पर प्लेटलेट्स कम मिला। इसके बाद परिजन उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराए। लार क्षेत्र का एक युवक गाजीपुर में पुलिस विभाग में तैनात है। वह शुक्रवार शाम को घर आया तो बुखार से पीड़ित हो गया। प्राइवेट में डॉक्टर ने जांच कराई। रिपोर्ट आने पर रविवार को उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
गोपालगंज क्षेत्र की एक महिला चार दिनों से बुखार से पीड़ित है। प्राइवेट में इलाज और जांच कराई। रिपोर्ट आने के बाद डॉक्टर ने रेफर कर दिया। परिजन उसे भर्ती कराए हैं। रामपुर कारखाना क्षेत्र का एक युवक आगरा में पढ़ाई करता है। वह 26 से 30 सितंबर तक गोरखपुर में रहा। इसी बीच बुखार से पीड़ित हो गया। दवा लेने से आराम मिला। शनिवार को तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। भाटपाररानी क्षेत्र का एक व्यक्ति बुखार से पीड़ित हो गया। दवा ली, लेकिन आराम नहीं मिला। इसके बाद परिजन उसे अस्पताल में भर्ती कराए।
लार क्षेत्र का एक व्यक्ति दस दिन पहले वैष्णो देवी के दर्शन के लिए गया था। 28 सितंबर से बुखार से पीड़ित हो गया। सीएचसी लार में दवा ली, लेकिन आराम नहीं मिला। इसके बाद प्राइवेट डॉक्टर से इलाज कराने लगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद रेफर कर दिया गया। इसके बाद परिजनों ने उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। इसके अलावा तीन दिन से भर्ती दो मरीजों का इलाज चल रहा है। वहीं, एक व्यक्ति की रिपोर्ट निगेटिव आने पर उसे मेडिकल वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। सीएमएस डॉ. एचके मिश्रा ने बताया कि डेंगू को लेकर सावधान रहने की जरूरत है। लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही न बरतें। अस्पताल में इलाज और जांच की निशुल्क सुविधा है। अलग से वार्ड बनाया गया है।