देवरिया। पश्चिम एशिया में इस्राइल-अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर ईद के बाजार पर फिलहाल बेअसर नजर आ रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और लॉजिस्टिक्स की चुनौतियों के बावजूद जिले के बाजार में न तो खजूर के दाम बढ़े हैं और न ही सेवई की मिठास में कोई कमी आई है। इसके पीछे रमजान की पहले से की गई तैयारी है। दुकानदारों ने पहले ही स्टॉक जमा कर लिया था, जिससे रमजान में भी खजूर के दाम स्थिर हैं।
ईद के मुकद्दस मौके पर इफ्तार की जान माने जाने वाले खजूर की कीमतों में कोई इजाफा नहीं हुआ है। अबूबकर नगर के व्यापारी फिरोज अहमद ने बताया कि ईरान और इस्राइल-अमेरिका के बीच जारी युद्ध व खाड़ी देशों सऊदी अरब, यूएई पर इसके प्रभाव के बावजूद खजूर के दाम नहीं बढ़े हैं। उन्होंने बताया कि रमजान शुरू होने से काफी पहले ही खजूर का स्टाॅक जमा कर लिया था। बाजार में किमिया, कलमी, अजवा और मगरूम जैसी वैरायटियों की भरपूर उपलब्धता है। दुबई का मगरूम 400 से 900 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रहा है। मगरुफ 300 से 600 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव से बिक रहा है। सगई 400 से 1200 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव से बिक रहा है। सऊदी के खजूर 1200 रुपये और यूएई के खजूर 1400 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव से बिक रहे हैं। कलमी 450-600 रुपये प्रति किलोग्राम और अजवा 800-1200 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव से बिक रहा है। वहीं तुर्की का खजूर 800 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव से बिक रहा है। ट्यूनीशिया ब्रांचेज खजूर 640 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव से बिक रहा है। सबसे महंगा जार्डन का मेटजोल खजूर है। यह 2400 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव से बिक रहा है। ईरानी किशमिश पर भी युद्ध का कोई असर नहीं पड़ा है। यह पहले की तरह 600 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव से बिक रहा है।
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सेवई के बाजार में रौनक
शहर के अबूबकर नगर में स्थित बाजार, मदनपुर, लार, रामपुर कारखाना, पथरदेवा, बघौचघाट के बाजारों में खरीदारों की भीड़ उमड़ रही है। सेवई के बाजार में बनारसी लच्छा, किमामी और दूधफेनी की खुशबू महक रही है। व्यापारी मोहम्मद आरिफ के अनुसार, सेवई के दाम सामान्य हैं। इसकी आपूर्ति वाराणसी और कानपुर से अधिक होती है। इसके चलते खाड़ी देशों में तनाव का इस पर कोई असर नहीं पड़ा है। अबूबकर नगर के व्यापारी मोहम्मद आरिफ ने बताया कि मोती महीन सेवई 60 रुपये प्रति किलोग्राम, वाराणसी की दूधफेनी सेवई 150 रुपये प्रतिकिलो के भाव से बिक रही है। लच्छावाली कानपूरी सेवई 120 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव से बिक रही है।
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पठानी सूट की बढ़ी डिमांड
वहीं, कपड़ों के शोरूम में इस बार डिजायनर कुर्ता-पायजामा, पठानी सूट और चिकनकारी के कुर्तों की भारी डिमांड है। महिलाएं भी चिकनकारी सूट और फैंसी दुपट्टों की जमकर खरीदारी कर रही हैं। बच्चों के लिए रेडीमेड गारमेंट्स के बाजार में डिजायनर कलेक्शन युवाओं को आकर्षित कर रहा है। अबूबकर नगर में व्यापारी आशिद ने बताया कि पठानी सूट की मांग अधिक है। यह 600 रुपये से शुरू हो रहा है। कुर्ता पायजामा 600 रुपये से शुरू हो रहा है। टोपी 10-50 रुपये, दुपट्टा 100-250 रुपये के भाव से बिक रहा है। अबबूकर नगर के व्यापारी आलम ने बताया कि नकाब विभिन्न डिजायनों के उपलब्ध हैं। इनका भाव डिजायन के अनुसार अलग-अलग है। नकाब 600 से 1500 रुपये के बीच उपलब्ध है। इसमें बटरफ्लाई डिजायन वाला 800 से 1500 रुपये, सादा 700 से 1000 रुपये और डिजायनर नकाब 1200 से 2000 रुपये के बीच उपलब्ध हैं।