भाटपार रानी के बेलीपार पंडित में श्रीमद् भागवत कथा कहते कथावाचक मानसमणि शास्त्री स्रोत आयोजक
भाटपार रानी। क्षेत्र के ग्राम बेलपार पंडित में बुधवार को काशी से आए कथा व्यास मानस मणि शास्त्री ने श्रोताओं को गोवर्धन लीला की कथा का रसपान कराया। कथा व्यास ने कहा कि भगवान कृष्ण की गोवर्धन लीला द्वापर युग में इंद्र के अहंकार को तोड़ने और प्रकृति के प्रेम को दर्शाने की कथा है।
कृष्ण ने इंद्र पूजा रोककर व्रजवासियों को गोवर्धन पर्वत की पूजा करने को कहा। इससे क्रोधित होकर इंद्र ने भयंकर बारिश की,उनके कोप से ब्रजवासियाें को बचाने के लिए भगवान कृष्ण ने खेल-खेल में गोवर्धन पर्वत को अपनी बाई हाथ की छोटी उंगली पर उठा लिया था। ब्रज के सभी लोग गोवर्धन के नीचे शरण लेकर सुरक्षित हो गए।
अंत में इंद्र का अहंकार टूटा। भूल का एहसास हुआ और उन्होंने भगवान कृष्ण से माफी मांगी। यह कथा हमें यह संदेश देती है कि अहंकार का अंत निश्चित है और ईश्वर सदैव अपने भक्तों की रक्षा करते हैं। इस दौरान पूर्व विधायक आशुतोष उपाध्याय, पूर्व ब्लॉक प्रमुख जितेंद्र उपाध्याय, आचार्य आनंद तिवारी, आचार्य तरूण मिश्र, पंडित मोहित द्विवेदी, सत्य प्रकाश मणि तिवारी, हरिओम उपाध्याय, ओमकार मिश्रा, प्रदीप उपाध्याय,रमा तिवारी आदि मौजूद रहे।