संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। धर्मांतरण की कोशिश और अश्लील हरकत के आरोप में जेल में बंद एसएस मॉल के मालिक उस्मान गनी का ईजी मार्ट भी है, जहां आरोप लगाने वाली युवती काम करती थी।
साक्ष्य जुटाने के लिए विवेचक ने ईजी मार्ट को सील कर दिया था। शनिवार को फील्ड यूनिट की टीम मार्ट का ताला खोलवाकर साक्ष्य जुटाए। इसके बाद इसका ताला खोल दिया गया। उधर, मुकदमे की विवेचना कर रहे विनोद सिंह से लेकर सदर कोतवाली में तैनात भूपेंद्र सिंह को साैंप दी गई है।
जानकारी के अनुसार, मदनपुर थाना क्षेत्र की ्र्र्र्र्र्र्र्र्रएक युवती शहर के रामलीला मैदान के पास ईजी मार्ट में काम करती थी। यह मार्ट एसएस माॅल के मालिक उस्मान गनी का है।
युवती ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि एसएस मॉल का मालिक उस्मान गनी, उसकी पत्नी तरन्नुम और साला गौहर धर्मांतरण करने के लिए दबाव डाल रहे थे। अश्लील हरकत भी की थी। इसका वीडियो युवती ने पुलिस को सौंपा है। पुलिस सात सितंबर को उस्मान गनी, तरन्नुम और गौहर पर केस दर्ज कर लिया।
पुलिस ने उस्मान गनी को लखनऊ से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि साला गौहर खुखुंदू थाने में दर्ज धर्मांतरण और युवती से जबरन निकाह के मामले में पहले से जेल में बंद था। विवेचना के दौरान उस्मान गनी के भाई इसराफिल का नाम भी सामने आया। पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
विवेचना के क्रम में ईजी मार्ट से साक्ष्य जुटाने पुलिस फील्ड यूनिट टीम पहुंची थी, लेकिन मार्ट बंद से पुलिस को लौटना पड़ा। विवेचक रहे कोतवाल विनोद सिंह ने नोटिस चस्पा करने के बाद मार्ट को सील कर दिया था। उनका तर्क था कि इसी मार्ट में पीड़ित युवती काम करती थी, विवेचना के क्रम में इसमें लगे सीसीटीवी कैमरे या अन्या सामान के साथ कोई छेड़छाड़ न करें, इसके लिए सील करना जरूरी है।
उधर, भूपेंद्र सिंह ने फील्ड यूनिट की मौजूदगी में ईजी मार्ट का ताला खोलवा कर साक्ष्य जुटाए। इसमें लगे सीसीटीवी कैमरे का फुटेज समेत जांच से जुड़े अन्य साक्ष्य जुटाए।