बरहज। निर्माणाधीन रामजानकी मार्ग पर कपरवार से पैना होते मईल तक धूल के चलते चलना मुश्किल हो गया है। निर्माणाधीन सड़क पर उठ रही धूल से राहगीरों को सांस से संबंधित बीमारियों की चिंता सता रही है।
वहीं गर्मी में धूल के बीच से गुजरने पर शरीर में खुजलाहट होने लगती है। लोगों का कहना है कि निर्माणाधीन सड़क पर पानी नहीं गिराने से ऐसी नौबत आ रही है।
भारत माला शृंखला के तहत अयोध्या से जनकपुर तक रामजानकी मार्ग चौड़ीकरण कार्य कराया जा रहा है। एनएच 227ए की ओर से करीब 1300 करोड़ की लागत से कपरवार से कुंडौली-मेहरौना बार्डर तक सड़क का चौड़ीकरण कार्य हो रहा है।
मिट्टी-गिट्टी के साथ पिचिंग भी हो रही है। जहां-जहां अभी मिट्टी-गिट्टी का काम चल रहा है, वहां धूल अधिक उड़ रही है। लोगों का कहना है कि पानी का छिड़काव नहीं कराया जा रहा है, जिससे तेज धूप में धूल के कण से राह चलना मुश्किल हो गया है।
नहीं शिफ्ट कराए गए सरकारी भवन और धार्मिक स्थल, मनमाने ढंग से कार्य कराने का आरोप : बरहज। एनएच 227ए की ओर से अयोध्या से जनकपुर तक भारत माला शृंखला के तहत रामजानकी मार्ग चौड़ीकरण कार्य कराया जा रहा है।
सड़क निर्माण कार्य में आई तेजी के बाद भी कपरवार स्थित पुलिस चौकी, प्राथमिक विद्यालय की चहारदीवारी के अलावा धार्मिक स्थलों को शिफ्ट नहीं कराया जा सका है।
सरकारी भवन आदि जस का तस बना हुआ है। लोगों का कहना है कि एनएच 227ए की ओर से मनमाने तरीके से सड़क निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
कार्य कराने का कोई मानक नहीं है। जबकि अनियमितता की बात सामने आ रही है। जिससे जिम्मेदार बेपरवाह हैं।