संस्कृतिक संगम सलेमपुर की तरफ से मेनका पिक्चर पैलेस में हुई नाट्य प्रस्तुति
संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। चेरो रोड स्थित मेनका पिक्चर पैलेस में रविवार की देर शाम सांस्कृतिक संगम सलेमपुर के कलाकारों ने दुखवा में बीतल रतिया नाटक की प्रस्तुति की। इसमें नचनिया की भूमिका अदा करने वाले कलाकार झरेला का दर्द देखकर दर्शक भावुक हो गए।
नाट्यकला के मंचन में प्राचीन लोक नृत्य शैली लौंडा नाच की कला का बहुत ही मार्मिक रूप से वर्णन किया गया है। एक घंटा के इस मंचन में लौंडा नाच की परंपरा का निर्वाह कितना कठिन कार्य है। इसको रंग कर्मियों ने अपने परिश्रम से बखूबी सजाया। मुख्य किरदार झरेला की भूमिका में पिंटू प्रितम ने शानदार अभिनय किया। वह नाच पार्टी के साथ जुड़ कर खूब वाहवाही बटोरता है। उसकी प्रसिद्धि ही उसकी दुश्मन बन जाती है। गांव के दो जमींदार झरेला का शोषण करने लगते हैं। शोषण के चलते झरेला का मनोबल नृत्य से टूटता है। वह अपने इस पेशे को छोड़ना चाहता है। नाच-गाने से वह दूर हो जाता है।
मर्द नचनिया के दर्द पर आधारित नाटक से गरीब झरेला के प्रति काफी दया का भाव उत्पन्न होता है। 20 से 25 कलाकारों ने अपने अभिनय से इस प्रस्तुति को दमदार बनाया।
इस नाट्यकला मंच में जमींदार की भूमिका में सुमित सिंह‚ नवनीत जायसवाल‚ झरेला के रोल में पिंटू प्रितम‚ पिता राजेश राज‚ मां रितिका सिंह‚ पत्नी आकांक्षा‚ लठैत के रूप में राधेश्याम गुप्ता‚ शनि सिंह‚ प्रदीप सिंह प्रमुख रहे। इस दौरान डायरेक्टर मानवेंद्र त्रिपाठी, अध्यक्ष वाई शंकर मूर्ति, संरक्षक अश्वनी पांडेय‚ भरत उपाध्याय‚ बलवीर गुप्ता, मुरली मिश्रा प्रमुख रूप से शामिल रहे।