देवरिया/सलेमपुर। अचानक आई आंधी और पानी से बिजली व्यवस्था लड़खड़ा गई। ग्रामीण इलाकों में बिजली का पोल और पेड़ उखड़ गए। भाटपाररानी और सलेमपुर तहसील के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि होने से सब्जी, सरसों, चना और मटर की फसलों को नुकसान हुआ है। करीब 400 से अधिक गांवों की आपूर्ति ठप है।
तेज हवा के साथ सुबह अचानक बारिश शुरू हुई। गांवों में पेड़, बिजली के पोल जहां उखड़ गए वहीं लोगों के छप्पर उड़ गए। सदर तहसील के कई गांवों में देर शाम तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी। सलेमपुर तहसील के मझौलीराज, नवलपुर, सहला, लार, पिंडी, मेहरौना, मईल इलाके में आंधी का असर रहा और ओला गिरा। खेतों में लगी सरसों की फसल को ज्यादा नुकसान पहुंचा है। दलहनी फसलों में अरहर, मटर की फसल भी प्रभावित हुई है। वहीं, भागलपुर के इसारू, देवसिया, जिरासों, महलियां, बलियां गांव में तेज हवा के साथ वर्षा व ओलावृष्टि हुई। मझौलीराज के दीर्घेश्वर नाथ मंदिर के समीप बिजली का पोल सड़क पर टूट गया। गुरुवार की रात बारिश में नादघाट के समीप बिजली का पोल टूटने से लार फीडर की आपूर्ति ठप रही। वहीं, लार के रावतपार अमेठिया, चनुकी मोड़, रोपनछपरा समेत कई गांवोें में पेड़ गिरने से बिजली का तार टूट गया। इस बाबत अधीक्षण अभियंता जेके शर्मा ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में आंधी से नुकसान पहुंचा है। क्षतिग्रस्त पोल और तार को ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम में बदलाव से ठंड ने बदले तेवर
देवरिया। मौसम में अचानक हुए बदलाव के बाद ठंड के तेवर में भी बदलाव होने लगे हैं। बारिश के बीच सर्द हवाओं से जहां ठिठुरन महसूस की गई तो दोपहर बाद मौसम साफ होने से हल्की गर्मी का अहसास भी लोगों को होता रहा। उतार-चढ़ाव भरे इस मौसम को सेहत के लिए नुकसानदायक माना जा रहा है। चिकित्सकों के मुताबिक ऐसे समय में सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार जैसी बीमारियों का संक्रमण तेजी से बढ़ेगा। लिहाजा, लोग खानपान के प्रति एहतियात बरतें।