देवरिया। जिले को 58 डॉक्टर मिलने के बाद लगा कि डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे अस्पताल की चिकित्सकीय सुविधा बेहतर होगी, लेकिन मात्र 32 डॉक्टरों ने ज्वाइन किया। इसमें भी दो डॉक्टरों ने अपना गैर जनपद स्थानांतरण करा लिए। स्थिति यह है कि अभी भी अस्पतालों पर डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे हैं।
जिला अस्पताल और सीएचसी, पीएचसी पर डॉक्टरों कमी है। ऐसे में अधिकांश न्यू पीएचसी का संचालन वार्ड ब्वॉय और फार्मासिस्ट के भरोसे है। 206 स्वीकृत पद के सापेक्ष 77 डॉक्टरों की तैनाती थी। अस्पतालों पर बेहतर इलाज नहीं मिलने के कारण आय दिन हंगामा और उपद्रव होता था। दिसंबर में शासन ने 58 डॉक्टर मिले। 27 जनवरी तक ज्वाइन करने का समय था, लेकिन अभी तक केवल 32 डॉक्टरों ने ज्वाइन किया। इसमें एक डॉक्टर बस्ती और दूसरा जौनपुर तबादला करा लिया।
आज भी जिले में 91 डॉक्टरों का पद खाली है। ग्रामीण क्षेत्रों में घर के पास बेहतर इलाज के लिए बनाए गए न्यू पीएचसी केंद्रों पर जाने वाले रोगियों का इलाज फॉर्मासिस्ट कर रहे हैं। सीएमओ डॉ. रामनिवास ने बताया कि शासन की ओर से डॉक्टर मिले थे, लेकिन अधिकांश डॉक्टरों ने ज्वाइन नहीं किया है। शासन को दोबारा पत्र लिखकर डॉक्टरों की मांग की गई है।