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Deoria News: पारा बढ़ने से बच्चों की बिगड़ रही सेहत, उल्टी दस्त और बुखार के मरीज बढ़े

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मेडिकल कॉलेज के पीआईसीयू वार्ड एक बेड पर भर्ती दो दो बच्चे।संवाद
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- गर्मी के कारण बुखार, उल्टी, दस्त, सांस के मरीजों की संख्या बढ़ी
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- पीआईसीयू और चिल्ड्रेन वार्ड में एक बेड पर दो मरीजों करना पड़ रहा इलाज
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। पारा बढ़ने से लोग परेशान हैं। गर्मी से बच्चों की सेहत बिगड़ रही हे। मरीजों की संख्या में इजाफा हो गया है। उल्टी-दस्त, बुखार से पीड़ित होकर बच्चे पहुंच रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में व्यवस्था लड़खड़ा जा रही है। पीआईसीयू और चिल्ड्रेन वार्ड में बेड भरे हैं। एक बेड पर दो-दो बच्चों का इलाज किया जा रहा है। कुछ दवाओं की कमी हो गई है। वहीं प्राइवेट अस्पतालों में भी भीड़ बढ़ गई है।
मौसम में अचानक परिवर्तन से अप्रैल में ही मई व जून से अधिक गर्मी पड़ रही है। रविवार को पारा 44 डिग्री पहुंच गया। भीषण गर्मी से लोग परेशान हैं। गर्मी के साथ नमी मिलने पर बैक्टीरिया का संक्रमण बढ़ गया है। दूषित खानपान और साफ-सफाई पर ध्यान न देने से लोग बीमार पड़ रहे हैं। कम प्रतिरोधक क्षमता होने के कारण बच्चे चपेट में आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में मरीजों की भीड़ हो रही है। बुखार, उल्टी, दस्त, पेट दर्द, सांस, सर्दी, जुकाम से बच्चे पीड़ित हो रहे हैं। बीमार बच्चों को लेकर तीमारदार पहुंच रहे हैं। पंद्रह बेड का पीआईसीयू और बीस बेड का चिल्ड्रेन वार्ड रविवार को दोपहर 12 बजे तक फुल रहा। एक बेड पर दो बच्चों का इलाज चल रहा था।
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पीआईसीयू में 22 और चिल्ड्रेन वार्ड में 32 मरीजों का इलाज चल रहा था। इनमें बुखार से पीड़ित 26, उल्टी-दस्त के 16, पेट दर्द के तीन, सांस के पांच व अन्य बीमारी से पीड़ित मरीजों का इलाज चल रहा था। गर्मी के कारण बच्चे परेशान थे। तीमारदार राहत में जुटे थे। अस्पताल में जिंक सीरप व टैबलेट, एजीथ्रोमाइसीन सीरप की कमी हो गई है। तीमारदारों को बाहर से खरीदना पड़ रहा है।

पीआईसीयू में एसी खराब, मरीज परेशान
पीआईसीयू में गंभीर मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जाता है। गर्मी बढ़ने के कारण मरीजों की संख्या बढ़ गई है। मरीजों की राहत के लिए एसी लगाए गए हैं। पर एक वार्ड में लगा दो एसी और पंखा काम नहीं कर रहा है। जबकि दूसरे में करीब तीन एसी चल रहे हैं, वह भी भीषण गर्मी में राहत नहीं पहुंचा पा रहे हैं। तीमारदार हाथ के पंखे से मरीज को राहत पहुंचा रहे हैं। यहां एसी जरूरी होता है। इसके न रहने से मरीज परेशान हैं और उन्हें संक्रमण फैलने का खतरा रहता है। वहीं स्कीन डिजीज भी हो सकती है।
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मौसम में बदलाव हुआ है। इसमें इम्यूनिटी बढ़ जाती है। गर्मी के साथ नमी मिलने पर बैक्टीरिया तेजी से ग्रोथ करते हैं, जिससे संक्रमण बढ़ जाता है। भीषण गर्मी, अति शीतल पेय पदार्थ और दूषित खाद्य पदार्थ के सेवन, साफ-सफाई पर ध्यान न देने से लोग बीमार हो जाते हैं। रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण बच्चे चपेट में आ जाते हैं, जिससे बच्चे बुखार, उल्टी, दस्त, पेट दर्द, सांस, सर्दी, खांसी, जुकाम से पीड़ित हो जाते हैं। गर्मी को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। दिक्कत होने पर तत्काल बाल रोग विशेषज्ञ को दिखाएं। उनकी सलाह पर दवा दें। अस्पताल में इलाज की सुविधा है। जिस दवा की कमी है उसे मंगाने की प्रक्रिया की जा रही है।
-डॉ. एचके मिश्रा, सीएमएस व बाल रोग विशेषज्ञ
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यह बरतें सावधानी
- बच्चों को धूप में निकलने व खेलने न दें
- पूरे शरीर को ढकने वाले सूती वस्त्र पहनाएं
- जरूरी होने पर सिर ढक कर व पानी पीकर निकलें
- स्वच्छ, शुद्ध पेयजल का प्रयोग करें
- दूषित खाद्य पदार्थ सेवन न करें
- बाजार में खुले में काट कर बिकने वाले फल सहित अन्य खाद्य पदार्थ का सेवन न करें
- फास्ट फूड, तला, मसालेदार, अति वसायुक्त भोजन से परहेज करें
- कार्बोनेटेड पेय पदार्थ सेवन न करें
- अत्यधिक पानी न पीएं
- सुपाच्य एवं हल्के भोजन का सेवन करें
- छह माह तक बच्चों को मां का दूध पिलाएं
- साफ-सफाई रखें, हाथ की सफाई कर भोजन करें
- गर्भवती महिलाएं धूप से बचें।
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