रोक के बावजूद शहर के कई सड़कों पर चार पहिया वाहन और ई रिक्शा वालों का रहा कब्जा
शहर में आए लोगों को जाम का करना पड़ा सामाना, अव्यवस्था के सामने बेबस रही पुलिस
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर में धनतेरस पर खरीदारों की भीड़ उमड़ी तो यातायात पुलिस का रूट डायवर्जन ध्वस्त हो गया। रोक के बावजूद शहर के व्यस्ततम सड़कों पर ई-रिक्शा और चार पहिया वाहन रेंगते नजर आए। इसकी वजह से लोगों को पैदल चलना भी मुश्किल था। गोरखपुर ओवरब्रिज के पास एसपी को भी जाम में फंसना पड़ा।
सूरज रोशनी बढ़ने के साथ बाजार में खरीदारों की भीड़ पहुंचने लगी। दिन में 12 बजे के बाद शहर की सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया। कसया रोड से सोमनाथ मंदिर के रास्ते गोरखपुर रोड पर जाने वाले राहगीरों को जाम में घंटों फंसना पड़ा। चारपहिया वाहनों के अलावा मालवाहक भी इसी रास्ते से गुजर रहे थे। गोरखपुर की ओर से आने वाले लोगों को ओवरब्रिज पर चढ़ने के दौरान दिन में 1 बजे जाम लगा था। करीब 45 मिनट तक जाम लगा रहा, यहां पर दो दरोगा और दो होमगार्ड जाम खत्म कराते दिखे। वहीं सुभाष चौक पर बैरिकेडिंग कर मालवीय रोड को वन वे कर दिया गया था। बाइक और पैदल लोगों को जाने दिया जा रहा था, लेकिन गलियों के रास्ते ई-रिक्शा वाले भी सवारी लेकर मालवीय रोड पर पहुंच जा रहे थे। कोतवाली रोड, जलकल रोड पर रोक के बावजूद ई-रिक्शा और कार लेकर लोग पहुंच गए थे, इसकी वजह से करीब डेढ़ घंटे तक लोगों को जाम में जूझना पड़ा। इसके अलावा मालवीय रोड, अंसारी, रोड, हनुमान मंदिर रोड, रामलीला मैदान पर पूरे दिन जाम की में जूझना पड़ा। दिन में करीब 11.30 बजे एसपी गोरखपुर की तरफ जा रहे थे, इस दौरान गोरखपुर ओवरब्रिज से पहले एसपी की गाड़ी करीब पांच मिनट तक जाम में फंसी रही, लेकिन वहां मौजूद होमगार्ड ने सक्रियता दिखाते हुए जाम को खत्म कराया। धनतेरस रूट डायवर्जन की व्यवस्था संभालने के लिए दो टीएसआई, 55 पीआरडी जवान, 40 होमगार्ड समेत दरोगा, सिपाही और यातायात पुलिस समेत 150 जवानों की ड्यूटी लगाई गई थी। टीएसआई गुलाब सिंह ने बताया कि अधिक भीड़ होने के कारण थोड़ी दिक्कत हुई। शाम को भीड़ का दबाव कम हो गया। इसके बाद शहर का यातायात व्यवस्था सामान्य कर दिया गया, लेकिन बड़े वाहनों की रात एक बजे तक नो इंट्री रहेगी।