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शहर में बढ़ रही छुट्टा पशुओं की तादाद

Mon, 24 Sep 2018 12:17 AM IST
deoria
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सिविल लाइंस रोड पर विचरण करते छुट्टा पशु। - फोटो : amar ujala
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देवरिया। शहर में आवारा पशुओं की भरमार हो गई है। कई मोहल्लों में सांड़ों के आतंक के चलते लोग दहशत में हैं। मुख्य मार्ग हों या वार्डों की गलियां हर जगह आवारा पशु घूमते नजर आ रहे हैं। इनकी आपसी लड़ाई इतनी खुंखार हो जाती है कि आवागमन घंटों बाधित हो जाता है। ठेला खोमचे वालों का नुकसान तो होता ही है। आम लोगों के वाहन क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। बीच-बचाव करने गए लोगों पर भी सांड़ टूट पड़ते हैं। तमाम लोगों ने इसकी शिकायत नगरपालिका से की है। बावजूद इसके महकमा इस गंभीर मामले को लेकर सुस्ती बरत रही है।       
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सैकड़ों सांड़ शहर की सड़कों के राजा बने बैठे हैं। अकेले सिविल लाइंस रोड पर दो दर्जन से अधिक सांड़ों का जमावड़ा रहता है। राघव नगर स्थित स्टेट बैंक शाखा से लगायत एलआईसी ऑफिस तक आवारा पशु दिन-रात कब्जा जमाए रहते हैं। सबसे ज्यादा इनकी तादात मोतीलाल रोड व सब्जी मंडी में होती है। सब्जियों के अवशेष व फलों के छिलके खाने के लिए आवारा पशु हमेशा सड़कों पर जमे रहते हैं। कई बार इनके बीच सड़क पर बैठ जाने के चलते आवागमन लंबे समय तक बाधित हो जाता है। सांड़ों की आपसी लड़ाई में तमाम ठेला खोमचा पलट जाते हैं। आस-पास खड़ी लोगों की गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। आएदिन राहगीर बदमाश पशुओं की मार से चोटिल हो रहे हैं। इस समस्या से तमाम मुहल्लेवासी भी परेशान हैं। कई मोहल्लों में तो बदमाश सांड़ों ने डेरा बना लिया है। इनके आतंक से लोग दहशत के साये में जी रहे हैं।       

गांव से लाकर छोड़ देते हैं बछड़ा       
बछड़ा के दूध छोड़ते ही लोग उसे शहर लाकर छोड़ देते हैं। बछड़े सड़कों पर फलों के छिलके खाकर इधर-उधर घूमते रहते हैं। शहर में सब्जियों के अवशेष व बासी खाना मिलने के चलते यह शहर छोड़कर कहीं जाना पसंद नहीं करते। नगरपालिका भी इनकी बढ़वार को लेकर कोई कदम नहीं उठाती। यही कारण है कि शहर में आवारा पशुओं की तादाद दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है।       
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इनसेट       
रामनाथ देवरिया में है पगले सांड़ का आतंक       
शहर के रामनाथ देवरिया मोहल्ले में पगला सांड़ का नाम सुनते ही लोग चौंक जाते हैं। यह काले रंग का सांड़ घात लगाकर वार करने में माहिर है। बाइक सवारों को देखते ही आग बबूला हो जाता है। बाइक की आवाज सुनते ही यह जहां रहता है वहीं से दौड़ पड़ता है। तमाम बाइक सवार इसे देखते ही बचने के चक्कर में गिरकर घायल हो चुके हैं। बीते दो माह में इसने राधेश्याम शुक्ला, जन्मेजय, मोहन त्रिपाठी, अनिरुद्ध समेत 18 लोगों घायल कर दिया है।       

कोट       
नगरपालिका के पास फिलहाल आवारा पशुओं को रखने की कोई व्यवस्था नहीं है। यही कारण है कि लोग घर के पालतू जानवरों को भी खुला छोड़ देते हैं। इस पर रोक लगाने के लिए योजना बनाई जा रही है। शहर में कहीं भी अगर सांड़ों का आतंक है उसे संज्ञान में लेकर उचित कार्रवाई की जाएगी। 
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-सीताराम गुप्ता, प्रभारी ईओ नगरपालिका।
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