तरकुलवा। बेलही गांव के एक दंपती ने कर्ज लेकर बेटे यशवंत को आठ माह पहले दुबई भेजा था, मगर वह दो माह से वहां की जेल में बंद है।
दंपती बेटे के वतन वापसी के लिए डीएम और विदेश मंत्रालय से न्याय की गुहार लगा रहे हैं। यशवंत के माता-पिता ने आरोप लगाया कि बेटे ने अपनी शादी के लिए छुट्टी मांगी थी। छुट्टी न देकर उसे जेल भेजवा दिया गया। बेलही गांव के बागेश्वरी पासवान के चार बेटों में तीसरे नंबर के यशवंत को माता-पिता ने कर्ज लेकर एजेंट के जरिए दुबई भेजा था। यशवंत नवंबर में दुबई रवाना हुआ था। घर वालों ने जून माह में उसकी शादी तय कर दी। 24 को तिलक और 26 जून को शादी की तिथि पक्की कर दी।
दंपती का आरोप है कि यशवंत ने जब शादी पर घर जाने के लिए कंपनी में छुट्टी मांगी तो उसे जेल भिजवा दिया गया। 19 जून को वहां की जेल से फोन कर यशवंत की गिरफ्तारी की जानकारी दी गई।
मंगलवार को माता-पिता ने डीएम को एक प्रार्थनापत्र देकर कहा कि शरजाह की यूनाइटेड अरब नामक कंपनी के एक एजेंट ने उनके बेटे को टूरिस्ट वीजा पर दुबई भेज दिया।
वहां पहुंचने के बाद बेटे के साथ छल करते हुए वेल्डर का काम करने के लिए दो साल का परमानेंट वीजा अप्लाई कर शारजहां की एक कंपनी के हवाले कर दिया। जब बेटे ने कहा कि जून में उसकी शादी है आप दो साल का वीजा क्यों बनवाए हैं तो कहा गया छुट्टी दे देंगे।
दंपती का आरोप है कि जब बेटे ने कंपनी से घर जाने को कहा तो उन लोगों ने ह्वाइट पासपोर्ट पर वापस घर जाकर शादी में शामिल होकर पुनः आने को बोल दिया।
उसका आईडी, सिम कार्ड व सभी कागजात ले लिए और उसके नाम पर लोन करा दिया।
इसके बाद जिस दिन बेटे को घर निकलना था, वहां के विजिलेंस डिपार्टमेंट को भेजकर उसे गिरफ्तार करा दिया।