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पोखरे में स्नान करने गए एक ही गांव के तीन बच्चे डूबे

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पोखरे में स्नान करने गए एक ही गांव के तीन बच्चे डूबे
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पैकौली(देवरिया)। भलुअनी थाना क्षेत्र के पैकौली स्थित पोखरे में मंगलवार की दोपहर नहा रहे एक ही गांव के तीन छात्र डूब गए। कुछ देर बाद पोखरे के किनारे तीनों को पड़ा देेख किसी ने गांव वालों को सूचना दी। परिजनों ने लोगों की मदद से उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां चिकित्सक ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।
सुरौली गांव निवासी पीयूष गुप्ता (10) पुत्र ओम प्रकाश गुप्ता कक्षा चार, प्रवीण विश्वकर्मा (09) पुत्र अमरेश विश्वकर्मा कक्षा दो और गुरूदयाल बरनवाल (14) पुत्र दिनेश बरनवाल कक्षा सात के छात्र थे। दोपहर में तीनों पैकौली में पौहारी महाराज कुटी परिसर स्थित पोखरे में स्नान करने पहुंचे। ग्रामीणों के अनुसार] तीनों पोखरे में स्नान कर रहे थे, इसी बीच उसमें से एक छात्र डूबने लगा। दोनों दोस्त उसे बचाने के लिए पहुंच गए और तीनों गहरे पानी में डूब गए। कुछ देर बाद तीनों पोखरे के किनारे पानी पर उतराए दिखे। स्थानीय लोगों ने गांव में इसकी सूचना दी। पोखरे पर पहुंचे परिजन ने उनकी पहचान की और तीनों को जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टर ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। एसओ मुकेश मिश्रा ने बताया कि स्नान करते समय पोखरे में डूबने से तीन छात्रों की मौत हुई है।
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तीनों दोस्तों की मौत से रो पड़ा सुरौली गांव, हर तरफ सिसकियां, कई घरों में नहीं जले चूल्हे
पैकौली। भलुअनी थाना क्षेत्र के सुरौली गांव निवासी तीन दोस्तों की मौत के बाद पूरे गांव में मातम छा गया है। हर तरफ रोने की आवाज सुनाई पड़ रही थी। ढांढस बंधाने वालों की भी आंखें नम हो जा रही थीं। देर रात गांव में सिसकियों से लोग काफी दुखी थे। परिजनों को क्या पता था कि जो लाडला बेटा कुछ देर पहले तक उनके आंखों के सामने था वह अचानक दुनिया छोड़कर चला जाएगा।
प्रवीण, पीयूष, गुरुदयाल उर्फ दीनदयाल की पोखरे में डूबने से हुई मौत की घटना से गांव और क्षेत्र के लोग काफी मर्माहत थे। घटना जानकारी होने पर लोग पोखरे और मृतकों के घर पहुंच रहे थे। परिजनों की चीत्कार से सभी की आंखें नम हो जा रही थीं। परिजनों के अनुसार तीनों दोस्त थे, खेलने के कूदने एक साथ जाया करते थे, लेकिन तीनों एक साथ इस दुनिया से चले गए। प्रवीण दो भाईयों में सबसे छोटा था। बड़ा भाई प्रकाश भी साथ में गया था, लेकिन वह कुछ दूरी पर खड़ा था। घटना के बाद उसका रो-रोकर बुरा हाल हो गया था। पिता अमरेश और मां बेसुध होकर गिर जा रहे थे। गुरुदयाल उर्फ दीनदयाल दो भाइयों में बड़ा था। बड़े भाई की मौत से छोटे भाई हरिदयाल, बहन ज्योति, पिता दिनेश शव से लिपटकर रो रहे थे।
दो बहने में इकलौता भाई था पीयूष
पीयूष दो बहनों का इकलौता भाई था। इसके कारण पूरे परिवार का दुलारा था। उसकी मौत के बाद पूरे परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है। बहन चांदनी, साक्षी तो पीयूष को याद कर बेसुध होकर गिर जा रही थीं। पिता और मां दहाड़ मार कर रहे थे। इकलौते पुत्र की मौत के बाद ढांढस बंधाने पहुंचे लोग भी रो रहे थे।
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भाई को डूबते देख प्रकाश ने घर पहुंच कर बताई घटना
गुरुदयाल उर्फ दीनदयाल, पीयूष के साथ प्रवीण का बड़ा भाई प्रकाश भी साथ में पोखरे पर गया था। अपने सामने तीनों को डूबते देख उसके होश फाख्ता हो गए। वह भाग कर घर गया और घटना के बारे में पिता और मां को बताया। घर के लोग पोखरे पर पहुंचे तब तक काफी देर हो चुकी थी। तीनों इस दुनिया को छोड़ चुके थे।
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