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Deoria News: 23 साल बाद भी बंजरिया ओवरहेडटैंक से नहीं हो सकी पेयजल आपूर्ति

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बंजरिया ओवर हेडटैंक। स्रोत - संवाद
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तरकुलवा। बंजरिया गांव में 69 लाख की लागत से बनी पानी की टंकी से 23 साल बाद भी जलापूर्ति नहीं शुरू हो सकी है। 2003 में निर्मित इस ओवर हेडटैंक से बंजरिया, शेखपुरा, पोखरभिंडा, बैकुंठपुर, पगरा, बिरती आदि गांवों की लगभग 15 हजार आबादी को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना था। इसके लिए एक अदद 25 केवी का ट्रांसफाॅर्मर लगाया गया। बिजली कनेक्शन लिया गया और ऑपरेटर की तैनाती की गई। लेकिन आज भी लोगों के घरों तक पानी नहीं पहुंचा।
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टंकी से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति नहीं होने से लोगों को दूषित जल पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। इससे लोग टाइफाइड, डायरिया और पेट से जुड़ी बीमारियां रही हैं। इससे क्षेत्रीय लोगों में नाराजगी है। लोगों ने विभागीय अधिकारियों से अधूरे कार्यों को पूरा कराकर शीघ्र जलापूर्ति शुरू कराने और टंकी का निर्माण करने वाली कार्यदायी संस्था के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पथरदेवा विकास खंड में बंजरिया बाजार है। जहां निर्माणाधीन राजकीय आईटीआई कॉलेज के अलावा न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, बैंक, इफको खाद गोदाम सहित कई सरकारी और गैर सरकारी संस्थान संचालित हो रहे हैं। यहां आसपास के गांवों में लगे इंडिया मार्का हैंडपंप दूषित जल दे रहे हैं। मजबूरी में लोग इसी हैंडपंप का पानी पी रहे हैं।
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बंजरिया गांव में बनी पानी की टंकी अभी तक क्यों चालू नहीं हुई है, अवर अभियंता से इसका स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा। टंकी निर्माण में जो खामियां रह गई हैं उसे दूर कर टंकी से जलापूर्ति कराई जाएगी।
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-अखिल आनंद, अधिशासी अभियंता
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