देवरिया/लार। गैलन में डीजल नहीं मिलने से किसान परेशान हैं। किसानों को ट्रैक्टर को पेट्रोल पंपों पर ले जाना पड़ रहा है। ट्रैक्टर की टंकी में ही पंपिंगसेट के लिए भी डीजल लेकर आ रहे हैं।
ऐसे में जिले में 1.35 लाख हजार हेक्टेयर क्षेत्र में होने वाली धान की खेती प्रभावित हो रही है। बारिश नहीं होने से पहले से रोपे गए धान की नर्सरी सिंचाई के अभाव में सूख रही है।
तेज धूप में उसे बचाना किसी चुनौती से कम नहीं है। डीजल की कमी को देखते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक दिन में एक बार में 200 लीटर डीजल देने के निर्देश जारी किए हैं। किसानों को खेत की जोताई करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
डीजल के लिए 10 से 15 किमी दूर ट्रैक्टर को लेकर पेट्रोल पंप जाना पड़ रहा है। वहीं जिस अप्रूव्ड कंटेनर में डीजल देने का निर्देश है वह बाजार में उपलब्ध नहीं है। इससे परेशानी हो रही है।