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कुत्तों का आतंक : अचानक कर रहे हमला, बाहर निकलने में डरने लगे लोग

Sat, 21 Feb 2026 01:34 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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देवरिया। जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में इन दिनों आवारा कुत्तों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि लोगों का सड़कों पर निकलना दूभर हो गया है। झुंड में घूमने वाले ये हिंसक कुत्ते न केवल राहगीरों पर हमला कर रहे हैं, बल्कि पालतू पशुओं के लिए भी काल बन चुके हैं। सलेमपुर के बनरहीं, देसही देवरिया, खुखुंदू और हाल ही में मदनपुर इलाके में कुत्तों का कहर देखने को मिला है। मदनपुर में घायल युवक की लखनऊ के केजीएमयू में इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बावजूद इस समस्या से निजात नहीं मिल पा रहा है।
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कुत्तों के काटने और उनके हमले से अब तक कई लोग और मासूम बच्चे घायल हो चुके हैं। कुत्तों के काटने की वजह से कई लोग और पशु अपनी जान गंवा चुके हैं। इन कुत्तों ने शहर की मुख्य सड़कों से लेकर गांव की गलियों तक अपना ठिकाना बना लिया है। रात के समय दोपहिया वाहन चालकों के पीछे दौड़ने से अक्सर दुर्घटनाएं हो रही हैं। शहर के मेडिकल कॉलेज रोड में सीएमओ कार्यालय से लेकर सिंचाई विभाग चौराहे पर कुत्तों का झुंड काबिज रहता है। यहां रात में अस्पताल आने-जाने वाले लोगों पर यह कुत्ते हमलावर हो जाते हैं। शहर के साकेत नगर निवासी अखिलेश्वर त्रिपाठी ने बताया कि रात में आते समय इन कुत्तों का भय रहता है। एक बार इसके चलते गिरकर घायल हो चुके हैं। समीर ने बताया कि रात से लेकर भोर तक सिंचाई विभाग से लेकर सीएमओ कार्यालय व आवास तक यह कुत्ते झुंड में घूमते रहते हैं और आने जाने वालों पर हमला करते हैं। वहीं शहर के खरजरवा, रामनाथ देवरिया समेत सभी मोहल्लो में कुत्तों का झुंड भ्रमण करते हैं। इससे सर्वाधिक दिक्कत बच्चों को रहती है।

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पागल कुत्ते की मौत के बाद भी ग्रामीणों में दहशत बरकरार

फोटो.........
संवाद न्यूज एजेंसी
खुखुंदू। खुखुंदू गांव में एक पखवाड़ा पहले ही पागल कुत्ते ने 50 वर्षीय महिला सफाईकर्मी नूरजहां को पुआल बटोरते समय और फिर दूसरे दिन 75 वर्षीय बुजुर्ग कल्पनाथ यादव को बाथरूम से बाहर निकलते काटकर लहुलुहान कर दिया था। इसके बाद से पूरे गांव में दहशत व्याप्त हो गया था। लोग हाथ में लाठी लेकर बाहर निकलने लगे थे। हालांकि कुछ दिन बाद ही पागल कुत्ते को ग्रामीणों ने मार डाला, लेकिन वर्तमान में भी ग्रामीणों में दहशत बरकरार है। अभी भी नूरजहां और कल्पनाथ यादव का गोरखपुर एम्स में इलाज चल रहा है। गांव निवासी सत्यनारायण यादव, राममिलन, ग्रीश मद्देशिया, बाबूराम गुप्ता, राजेश गोड़, मैनुद्दीन अंसारी और अमीर का कहना है कि पागल कुत्ता तो मर गया, लेकिन अभी भी उसके साथ का एक कुत्ता इधर-उधर घूम रहा है। अकेले आने जाने वालों पर वह अटैक कर रहा है। जिला प्रशासन को चाहिए की आवारा कुत्तों को गांवों से पकड़वाकर हटवाएं। इसके तीन माह पहले भी 24 घंटे में 30 लोगों को पागल कुत्ते ने काट लिया था। उस कुत्ते को भी ग्रामीणों ने मार डाला था।
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कोट.........
- एक कुत्ते को ने ग्रामीणों दौड़ाकर मार डाला। अभी उसके साथ का एक पागल कुत्ता जीवित है। इसके डर से लोग घर से बाहर निकलते वक्त हाथ में डंडा लेकर ही निकलते है। कौन कब कुत्ते का शिकार बन जाएगा, कुछ कहा नहीं जा सकता है।
- संदेश उर्फ मिस्टर यादव, खुखुंदू निवासी और जिला पंचायत सदस्य





कोट.........

- पिछले तीन महीने में कुत्तों के कई हमले हो चुके हैं। इससे हम सभी दशहत में हैं। इसका निदान ग्राम सभा से लेकर जिला पंचायत तक किसी के पास नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश भी बेअसर हैं। डर का माहौल है।
- विमलेश तिवारी उर्फ पिंटू बाबा, निवासी खुखुंदू कस्बा



कई दुकानदारों को काट कर कुत्ते कर चुके हैं जख्मी

देसही देवरिया। क्षेत्र के चौक-चौराहों और गांवों में इन दिनों आवारा कुत्तों की झुंड से लोग परेशान हैं। महुआडीह चौराहा पर पिछले सप्ताह एक कुत्ते ने छह लोगों को काटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। अभी भी लोग डरे-सहमे हुए हैं।

महुआडीह चौराहा पर पिछले सप्ताह पहले एक कुत्ते ने चौराहे पर दुकानदार सुबास सिंह को काट लिया। हमले से सुबास का एक हाथ भी टूट गया। इसके बाद कुत्ते ने राजेंद्र मद्धेशिया, हरिलाल यादव, मिष्टी सहित छह लोगों को काटकर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया। इसके बाद चौराहा के दुकानदार सहित आम लोग दहशत में है। आए दिन कुत्तों का झुंड अभी भी बेरोकटोक गांव सहित चौराहों पर घूम रहा है। जितेंद्र मद्धेशिया, ओमप्रकाश, अखिलेश, श्रीचंद मद्धेशिया, वीरेंद्र जायसवाल, अशोक प्रसाद, पिंटू राय, सचिन आदि दुकानदारों और स्थानीय लोगों का कहना है कि अभी भी कुत्तों का भय बना हुआ है।





आवारा कुत्ते आए दिन लोगों को काटकर जख्मी कर रहे हैं। कुत्तों के झुंड से आम लोगों को भी बहुत दिक्कतें हो रही हैं। कुत्ते लोगों को दौड़ाकर काट ले रहे हैं। अभी भी डर और भय बना हुआ है। प्रशासन को इस पर ध्यान देना चाहिए।
- अभिषेक मोदनवाल, व्यवसायी महुआडीह।



कुत्ते के काटने से सलेमपुर में मर गई थीं छह गायें
कुत्तों के काटने से सलेमपुर के बनरही गांव में छह गाएं मर गई थीं। इसका नाग पंचमी में इन गायों को दूध प्रसाद के रूप पिये गांव के लोगों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाया था। बाद में स्वास्थ्य विभाग ने गांव में कैंप कर लोगों को एआरवी इंजेक्शन लगाया था।


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कुत्ते के काटने से युवक की हो चुकी है मौत



मदनपुर थानाक्षेत्र के दुबौली गांव के रहने वाले 30 वर्षीय विशाल यादव 26 जनवरी की दोपहर की मौत कुत्ता काट लिया था। वह कुत्ते से अपने ढाई साल के छोटे बेटे ऋतिक को बचाने दौड़े थे। इस दौरान कुत्ते के हमले में बुरी तरह घायल हो गए। उन्हें एआरवी इंजेक्शन लगा। हालात बिगड़ने पर उनको केजीएमयू लखनऊ में भर्ती कराया गया। जहां 17 फरवरी की रात उनकी मौत हो गई। इसके अलावा गांव के पांच अन्य लोगों को भी यह कुत्ता घायल कर चुका है। इसमें गांव के रिंकू यादव (22 वर्ष), आकाश सिंह (23 वर्ष), ललिता देवी (65 वर्ष), जयरतन (42 वर्ष) शामिल हैं। घटना के बाद सभी भयभीत सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों में भय बना है। वह अक्सर छोटे बच्चों को दौड़ा लेता है, बीच में बडे़ लोगों के आने पर भी उन्हे काट ले रहा है।




निकायों की उदासीनता से स्थिति हुई भयावह

सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के बाद भी जिले की नगर पंचायतो और नगरपालिकाओं ने अब तक ठोस कदम नहीं उठाएं हैं। नगरपालिका परिषद देवरिया में कुत्तों की नसबंदी के लिए एनिमल बर्थ कंट्रोल इकाई की स्थापना मूर्त रूप नहीं ले सकी है। जटमलपुर में जमीन चिन्हित करने तक मामला सिमट गया है। वहीं ग्राम पंचायतों ने भी इसको लेकर कोई पहल नहीं किया है। जबकि अब तक कुत्तों के हमले के मामले ग्राम पंचायतों में ही आए हैं।

कोट
कुत्तों के हमले इधर बढ़ गए हैं। हमने सभी खंड विकास अधिकारियों व पशु चिकित्सा अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले में एक एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर बनाने को कहा है। हमारा प्रयास है कि शीघ्र यह सेंटर शुरू हो जाए। इससे कुत्तों की संख्या को नियंत्रित किया जा सकेगा।
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राजेश कुमार सिंह, सीडीओ


मुख्य विकास अधिकारी
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