पैकौली। ओमान में जहाज पर हुए अमेरिकी बम हमले में जान गंवाने वाले सुरौली गांव निवासी शिवानंद चौरसिया के शव को भारत लाने की प्रक्रिया जारी है। शव को स्वदेश भेजने के लिए परिजनों की ओर से भारतीय दूतावास को सत्यापन के लिए 11 पन्नों के दस्तावेज भेज गए थे। इनमें मृतक की पत्नी और छोटे भाई रामप्रवेश चौरसिया के आधार कार्ड समेत अन्य आवश्यक अभिलेख शामिल हैं। अब परिवार को सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने और शव के भारत पहुंचने का इंतजार है।
बीते 10 जून को ओमान के समुद्री क्षेत्र में एक पानी के जहाज पर हुए अमेरिकी बम हमले में शिवानंद चौरसिया की मौत हो गई थी। घटना की जानकारी परिवार को दुबई रह रहे छोटे भाई रामप्रवेश चौरसिया के जरिए हुई।
रविवार को ओमान स्थित भारतीय दूतावास की ओर से शव को भारत भेजने की प्रक्रिया के तहत आवश्यक दस्तावेज सत्यापन के लिए मांगे गए थे। परिवार ने दस्तावेज जुटाने का प्रयास शुरू किया, जिसके बाद सोमवार को 11 पन्नों का पूरा दस्तावेज दूतावास को भेज दिया गया।
दस्तावेजों की जांच और सत्यापन के बाद अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी किया जाएगा। इसके बाद शव को भारत भेजने की औपचारिकताएं पूरी होंगी।
सोमवार को देवरिया के पूर्व सांसद रमारपति राम त्रिपाठी ने परिजनों को सांत्वना दी।