देवरिया। बिना बताए काउंसिलिंग की तिथि स्थगित करने से नाराज प्रशिक्षु शिक्षकों ने शनिवार को डीएम आवास घेर लिया। पांच घंटे तक गेट पर ही प्रशिक्षु शिक्षक जमे रहे। आश्वासन के बाद माने। कई थानों की पुलिस फोर्स बुला ली गई थी। इस दौरान डीएम और बीएसए आवास में ही फंसे रहे। डीएम ने एक सप्ताह में मामले का हल निकालने का आश्वासन दिया।
सुप्रीम कोर्ट के आधार पर जनवरी में वर्ष 2011 से लटक रही भर्ती पूरी हुई। तय हुआ था कि प्रशिक्षु शिक्षक छह महीने तक ट्रेनिंग करेंगे। 7300 रुपये प्रति माह मानदेय दिया जाएगा। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद सहायक अध्यापक पद पर मौलिक नियुक्ति दे दी जाएगी। प्रशिक्षु शिक्षकों ने छह की बजाय नौ महीने तक ट्रेनिंग की। बेसिक शिक्षा परिषद इलाहाबाद के सचिव ने 21 अक्टूबर को नियुक्ति का आदेश दिया। इसके आधार पर शनिवार को इन सभी को मौलिक नियुक्ति पत्र मिलना था, लेकिन बिना सूचना को इसे स्थगित कर दिया गया।
इससे बीएसए कार्यालय पहुंचे प्रशिक्षु शिक्षक नाराज हो गए। पता चला कि बीएसए डीएम से मिलने उनके आवास गए हैं। इसके बाद प्रशिक्षु शिक्षक डीएम आवास गेट पर धरना पर बैठ गए। उन्हें समझाने की कोशिश की गई, लेकिन अपनी मांग पर अडिग रहे। एहतियात के तौर पर प्रशासन की ओर से कई थानों की पुलिस फोर्स बुला ली गई थी। करीब पांच घंटे तक प्रशिक्षु शिक्षक यहां जमे रहे।
अंत में डीएम ने आश्वासन दिया कि उन्हें एक सप्ताह का समय दिया जाए। वह शासन से पत्राचार के बाद जैसा होगा वैसा करेंगी। इसके बाद प्रशिक्षु शिक्षक माने। धरना देने वालों में मनोज कुमार मिश्र, वेद प्रकाश चौरसिया, रिचा प्रताप, शशिकला, बंदना, प्रीति, अनामिका, अनिता, अनुपम, संजीव मिश्रा, जयेंद्र, इंतियाज, सूरज, रंजना आदि प्रमुख रहीं।