मंडल की एसआईबी (गोपनीय) टीम को दिसंबर में 50 लाख रुपये का लक्ष्य दिया गया था। एसआईबी जोन प्रथम व द्वितीय आयुक्त अपनी टीम के साथ लगातार नजर बनाए थे। शासन की तरफ से जीएसटी विभाग को चार लक्ष्य दिए गए थे।
पहला जीएसटी संग्रह, दूसरा टैक्स चोरी, तीसरा विशेष जांच टीम एसआईबी की कार्रवाई और चौथा मंडल में अपंजीकृत व्यापारियों की संख्या को बढ़ाना था। टैक्स चोरी के साथ बड़ी संख्या में अपंजीकृत व्यापारियों का पंजीकरण करवाया गया।
अपर आयुक्त ग्रेड प्रथम विनय कुमार राय ने बताया कि प्रदेश में दिए गए लक्ष्य के सापेक्ष टैक्स चोरी पकड़ने में मंडल की एसआईबी टीम अव्वल रही है। दिसंबर में बड़ी संख्या में जीएसटी पंजीकरण और अन्य मानकों की जांच की गई थी।
आंकड़े
जोन टैक्स वसूली लक्ष्य
गोरखपुर 317 लाख रुपये (छह गुना) 50 लाख रुपये
गौतमबुद्ध नगर 687.88 लाख रुपये (दो गुना) तीन करोड़ रुपये
कानपुर द्वितीय 854.44 लाख रुपये (लगभग ढाई गुना) तीन करोड़ रुपये
20 मंडलों में टीम ने चलाया था अभियान
आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, बरेली, इटावा, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी, कानपुर प्रथम व द्वितीय, लखनऊ प्रथम व द्वितीय, मेरठ, मुरादाबाद, प्रयागराज, सहारनपुर, वाराणसी प्रथम व द्वितीय मंडल में अभियान चलाया गया।