30 जून तक पूर्ण हो सभी परियोजनाएं : डीएम
जनपद के समस्त तटबंधों की हो पेट्रोलिंग, चूहे का बिल, साही की मांद पाटने के निर्देश
संवाद न्यूज़ एजेंसी
रुद्रपुर। जिलाधिकारी अखंड प्रताप सिंह ने शुक्रवार को गोर्रा और राप्ती नदी पर बाढ़ नियंत्रण खंड की ओर से किए जा रहे कटानरोधी कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि बाढ़ नियंत्रण से जुड़ीं समस्त परियोजनाएं 30 जून तक पूरी कर ली जाएं। डीएम ने बंधों के चूहों के बिल पाटने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने बताया कि वर्तमान में रुद्रपुर में बाढ़ नियंत्रण से जुड़ीं पांच परियोजनाओं पर कार्य किया गया है। इसमें 2 करोड़ 98 लाख रुपये की लागत से राप्ती नदी के बाएं तट पर निर्मित नगवा जमींदारी तटबंध पर नगवां खास में कटान स्थल पर बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य की परियोजना, 2.81 करोड़ रुपये की लागत से नकइल-सेमरौना तटबंध पर ग्राम तलसपुरवा में पीपी गैवियन रोप में जिओ बैग भरकर एज कटिंग से कटाव रोकना, 3.68 करोड़ रुपये की लागत से गोर्रा नदी के बाएं तट पर स्थित पिड़रा-करनपुर तटबंध के ग्राम करौता में बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य परियोजना, पांडेय माझा-जोगिया तटबंध पर 2 करोड़ 55 लाख रुपये की लागत से ग्राम शीतल माझा में तथा कटान निरोधी कार्य की पुनर्स्थापना तथा राप्ती नदी पर स्थित नकइल-सेमरौना तटबंध पर पिच रोड निर्माण की परियोजना शामिल है। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से संवाद कायम कर पूर्व के बाढ़ के संबंध में जानकारी भी प्राप्त की।
जिलाधिकारी अधिशासी अभियन्ता को बाढ़ नियंत्रण के लिए सभी आठ संवेदनशील तटबंधों की निगरानी करने के निर्देश दिए और कहा कि यदि किसी तटबंध में कोई कमी दिखे तो उसे समय रहते दूर कर लिया जाए। डीएम ने बताया कि दो वायरलेस स्टेशन पर पिड़रा घाट और पिंडी में स्थापित किया जाएगा।
इस दौरान एडीएम वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार राय, एसडीएम रत्नेश तिवारी, प्रशिक्षु एसडीएम धीरेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता बाढ़ नियंत्रण खंड राधेश्याम प्रसाद, सहायक अभियंता सचिन अग्रवाल आदि मौजूद रहे।