संवाद न्यूज एजेंसी
तरकुलवा। क्षेत्र के बंजरिया गांव में डीजे संचालक हीरालाल शर्मा की हत्या का रहस्य गहराता जा रहा है। वारदात को बीते डेढ़ पखवारा बीत चुका है। तेरहवीं तक जहां जांच की गति धीमी थी, वहीं अब पुलिस ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है।
इसी बीच हीरालाल की पत्नी का रुख लगातार बदलता दिख रहा है। पहले उसने वारदात के दिन किसी अज्ञात कॉल का हवाला दिया, फिर कॉल नंबर बताने से बचती रही।
अब पति के दो दोस्तों पर आरोप जड़कर कहानी में नया मोड़ ले आई है। उधर, दोनों दोस्त नौकरी के सिलसिले में बाहर जाने की तैयारी में थे, मगर पुलिस ने उन्हें रोक लिया। थानाध्यक्ष मृत्युंजय राय ने कहा कि जांच पूरी होने तक दोनों बाहर नहीं जा सकते।
जानकारी के मुताबिक, 35 वर्षीय हीरालाल शर्मा उर्फ बिकाऊ, बंजरिया निवासी केदार शर्मा का इकलौता बेटा था। वह गांव में एक टेंट हाउस में काम करता था। साथ ही, अपना डीजे सिस्टम भी चलाता था। 9 जुलाई की रात को उसके मोबाइल पर फोन आया।
कॉल रिसीव करने के बाद वह बाइक लेकर घर से निकला, मगर फिर नहीं लौटा । अगली सुबह 10 जुलाई को उसका शव गांव से बाहर एक निजी स्कूल के पास धान के खेत में पड़ा मिला। हत्या की खबर फैलते ही गांव में सनसनी फैल गई थी।
हत्या की सूचना पर एसपी विक्रांत वीर समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। एहतियातन विसरा सुरक्षित कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया।
शुरुआत से ही पुलिस का शक हीरालाल की पत्नी पर केंद्रित रहा। सूत्रों के मुताबिक पत्नी अक्सर फोन कॉल्स का जिक्र करती थी और वारदात वाली रात भी उसने यही कहा कि किसी का फोन आया था। इसके बाद उसका पति बाहर गया। जब पुलिस ने नंबर पूछा तो उसने कॉल डिटेल उड़ जाने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। यही टालमटोल पुलिस के शक को और गहरा कर गया।